fever after child birth: Puerperal Fever: क्या होता है सूतिका ज्वर, जिससे तड़प जाती हैं महिलाएं और हफ्तेभर में हो जाती है मौत – what is puerperal fever which may cause of women death if left untreatable in hindi

Edited By Garima Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

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एक होता है साधारण बुखार। इसमें खांसी और सिरदर्द जैसी समस्या हो भी सकती है और नहीं भी हो सकती। या फिर ऐसा भी हो सकता है कि तेज जुकाम और खांसी के कारण बुखार बढ़ रहा हो। एक बुखार ऐसा होता है, जिसमें बहुत तेज सर्दी लगती है। इसमें रजाई ओढ़ने का मन करता और कई बार रजाई में भी सर्दी लगती है। ऐसा ही बुखार गर्भवती महिलाओं को होने का खतरा रहता है। इसीलिए उन्हें ठंड से बचने की अधिक सलाह दी जाती है।

गर्भवती महिलाओं को होनेवाला ज्वर जब गंभीर स्थिति में पहुंच जाता है तो इसे इसे सूतिका ज्वर के नाम से जाना जाता है। हालांकि सामान्य व्यक्ति में यह रोग होने पर इसे सरसाम ज्वार के नाम से जाना जाता है। आइए, जानते हैं कि क्या होते हैं इस सूतिका ज्वर के लक्षण और किन बातों का रखना चाहिए ध्यान…

सबसे पहले जानें सूतिका ज्वर के लक्षण

-जब बुखार के दौरान वात, पित्त और कफ तीनों में वृद्धि हो जाती है। इस कारण बुखार की तीव्रता में और अधिक वृद्धि होती है। रोगी को सर्दी लगने लगती है। इतनी अधिक सर्दी लगती है कि गर्भवती महिला ठंड से कांपने लगती है।

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गर्भवती महिलाओं को बचाएं सूतिका ज्वर से

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-नाड़ी बहुत तेज चलने लगती है। पेट में नाभि के आस-पास बहुत तेज दर्द उठने लगता है। सर्दी के कारण कई महिलाओं के दांत किटकिटाने लगते हैं। उन्हें लगातार जम्हाई आने की समस्या हो सकती है, साथ ही स्वाद का पता उन्हें नहीं चल पाता है।

सूतिका ज्वर के कारण

-गर्भवती महिलाओं को सूतिका ज्वर आमतौर पर प्रसव यानी बच्चे को जन्म देने के 3 से 4 दिन के अंदर होता है। इस बुखार के मुख्य कारणों में से एक कारण प्रसव के दौरान बच्चे के नारबेल का कुछ भाग गर्भाशय में रह जाना होता है।

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-यदि बच्चे के जन्म के समय नाल काटने में किसी तरह की कोई गलती हो जाए और नाल का कुछ हिस्सा महिला के गर्भाशय में रह जाए तो यह गर्भनाल का यह भाग सड़ने लगता है। इस कारण महिला को पहले हल्का-हल्का बुखार रहता है और फिर एकाएक यह बढ़ने लगता है।

-बच्चे के जन्म के तुरंत बाद बुखार आना कई बार इस बात का संकेत भी होता है कि गर्भावस्था के दौरान महिला को ठीक से देखभाल नहीं मिली है। साथ ही जिन महिलाओं को बच्चे के जन्म के बाद उचित देखभाल नहीं मिलती, उनमें भी सूतिका ज्वर होने की संभावना अधिक होती है।

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बच्चे के जन्म के बाद महिला की देखभाल है बहुत जरूरी

महिला के शरीर में होनेवाले बदलाव

-प्रसव के बाद यदि महिला को सूतिका ज्वर हो जाए तो उसके स्तनों से दूध आना बंद हो जाता है। इसके साथ ही बुखार के लक्षण लगातार दिखते रहते हैं।

-इसके साथ ही महिला के शरीर से प्रसव के बाद होनेवाला स्त्राव और पसीना आना भी बंद हो जाता है। पेट में उठनेवाला तेज दर्द महिला को बहुत अधिक कमजोर और असहाय महसूस कराता है।

-यदि किसी महिला को प्रसव के बाद हल्का बुखार लगे तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। बल्कि तुरंत डॉक्टर से बात करनी चाहिए। क्योंकि 3 से 4 दिन के अंदर यह बुखार गंभीर रूप ले लेते है और अगर सही उपचार ना मिले तो सप्ताहभर के अंदर महिला की जान चली जाती है।

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