छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी का निधन, 74 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

रायपुर. छतीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व आईएएस अजीत जोगी का आज 74 साल की उम्र में निधन हो गया। अजीत जोगी को कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) के बाद अस्तपाल में भर्ती कराया गया था. बीते 9 मई से वे अस्पताल में भर्ती थे.

 अजीत जोगी को वेंटिलेटर (Ventilator) की मदद से सांस दी जा रही थी. तब से उनकी मस्तिष्क की गतिविधियां बहुत कम थी. काफी दिनों से अजीत जोगी की हालत नाजुक बनी हुई थी. तकरीबन 20 दिनों से जोगी कोमा (Coma) में ही थे. बुधवार देर रात उनका फिर कार्डियक अरेस्ट हुआ था. फिर शुक्रवार को दोबारा उनकी हालत बिगड़ी थी.

दरअसल, 9 मई की सुबह कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) के बाद रायपुर के श्री नारायणा अस्पताल में अजीत जोगी को भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों का कहना था कि कार्डियक अरेस्ट के बाद अजीत जोगी की धड़कन लगभग रुक गई थी. इसके बाद वे कोमा में चल गए थे. जोगी के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो रहा था.

9 मई से अस्पताल में भर्ती

9 मई को सुबह करीब 10-11 बजे के बीच अजीत जोगी तैयार होने के बाद अपने लॉन में व्हीलचेयर के माध्यम से टहल रहे थे. उस दौरान गंगा इमली भी खाए थे जिसके बाद उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ था. गंभीर स्थिति में राजधानी रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित नारायणा अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया. तब से लेकर आज तक स्थिति गंभीर बनी हुई है. बीते 15 दिनों से वे कोमा में चल रहे हैं. तो वहीं देशभर के अलग-अलग अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों से टेली कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा कर अजीत जोगी का उपचार किया जा रहा है. उन्हें लगातार वेंटिलेटर के माध्यम से सांस दी जा रही है, तो वहीं उनके ब्रेन को एक्टिव करने के लिए म्यूजिक थेरेपी का भी सहारा लिया जा रहा है.

जोगी को दी जा रही थी ऑडियो थेरेपी

अजीत जोगी को ऑडियो थेरेपी दी जा रही थी. होश में लाने के लिए उनका पसंदीदा संगीत सुनाया जा रहा था. इस ऑडियो थैरेपी के बाद उनकी तबीयत में आंशिक सुधार भी हो रहा था. इसके साथ ही उनके दिमाग में कुछ हलचल देखने को मिली रही थी. बताया जा रहा था कि जोगी के आंखों की पुतलियों के फैलाव में भी कुछ कमी आई थी.

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