वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव (US Presidential Election) को लेकर डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump)और उनके प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन (Joe Biden) के बीच पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट (First Presidential Debate) आज यानी मंगलवार को होगी. क्लीवलैंड में 90 मिनट तक चलने वाले इस बहस में दोनों नेता कई मुद्दों पर बात करेंगे. इस दौरान, आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चलेगा. आइये उन पांच बातों पर नजर डालते हैं, जो इस बहस का केंद्र रहेंगी.
खुलासे पर होंगे सवाल-जवाब
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को न्यूयॉर्क के उस खुलासे पर जवाब देना पड़ सकता है, जिसमें उन पर टैक्स न भरने का आरोप लगाया गया था. रिपोर्ट में कहा गया था कि ट्रंप ने पिछले 15 सालों में से 10 साल फेडरल टैक्स (Federal Income Tax) नहीं दिया. इतना ही नहीं, उन्होंने 2016 और 2017 में केवल 750 डॉलर टैक्स दिया था. हालांकि, ये बात अलग है कि डोनाल्ड ट्रंप ने इस खुलासे को ‘फर्जी खबर’ करार दिया है, लेकिन जो बिडेन इस मुद्दे पर उनसे तीखे सवाल कर सकते हैं.
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उठेगा सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति का मुद्दा
इसके अलावा, चुनाव को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर भी बिडेन उन्हें घेरने का प्रयास करेंगे. ट्रंप ने कहा मेलवोटिंग में धांधली की आशंका जताते हुए कहा था कि चुनाव दोबारा कराने होंगे. साथ ही इस सवाल पर कि ‘क्या शिकस्त मिलने पर वह चुनाव परिणामों को स्वीकार करेंगे’? राष्ट्रपति ने अजीब बयान दिया था. सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश एमी कोनी बैरेट की नियुक्ति के मुद्दे पर भी ट्रंप और बिडेन में बहस होना तय है. क्योंकि विपक्ष सरकार के इस फैसले का विरोध करता रहा है.
कोरोना पर होंगे तीखे सवाल
जो बिडेन के लिए यह डिबेट एक तरह से खुद को जनता के सामने रखने का सुनहरा मौका है. क्योंकि कोरोना महामारी के चलते जनता से उनका संवाद सीमित रहा है. बिडेन की पूरी कोशिश होगी कि डोनाल्ड ट्रंप से ऐसे तल्ख सवाल पूछे जाएं, जो उन्हें असहज कर दें. इसके लिए उन्होंने काफी तैयारी भी है. जो बिडेन के पास सबसे बड़ा हथियार कोरोना महामारी को लेकर ट्रंप सरकार का लचर रवैया है. कोरोना से लड़ाई में कमजोरी के लिए ट्रंप विपक्ष, वैज्ञानिकों से लेकर लगभग सभी को दोषी ठहरा चुके हैं. ऐसे में बिडेन को जनता को यह अहसास दिलाना होगा कि राष्ट्रपति होने के नाते हर काम के लिए ट्रंप ही जिम्मेदार हैं.
अर्थव्यवस्था पर भी होगी बात
प्रेसिडेंशियल डिबेट में अर्थव्यवस्था का मुद्दा भी छाया रह सकता है. डोनाल्ड ट्रंप अर्थव्यवस्था की सुस्त चाल के लिए कोरोना को कुसूरवार ठहरा रहे हैं. ऐसे में बिडेन की कोशिश यह बताने की होगी कि कोरोना से पहले भी अर्थव्यवस्था बहुत अच्छे दौर में नहीं थी, जो कुछ हद तक सही भी है. कोरोना महामारी ने दुनिया भर के देशों को आर्थिक रूप से भी प्रभावित किया है और ट्रंप इसे अपने बचाव के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं.
बिडेन पर होगी ट्रंप की नजरें
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ‘ड्रग’ के मुद्दे पर जो बिडेन को असहज करके यह दर्शाने का प्रयास करेंगे कि उनके आरोपों में दम है. ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि पहली डिबेट से पहले या बाद में बिडेन को ड्रग टेस्ट कराना चाहिए, ताकि बहुत सी चीजें साफ हो सकें. इससे पहले भी राष्ट्रपति 77 वर्षीय बिडेन के मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल उठाते रहे हैं. कुछ सर्वेक्षणों में यह बात सामने आई है कि ट्रंप के ये सवाल वोटरों को भी प्रभावित कर रहे हैं. ट्रंप और उनकी टीम का फोकस इस बात पर होगा कि डिबेट के दौरान बिडेन कोई गलती करें और उसे फिर उनके मानसिक स्वास्थ्य से जोड़कर प्रचारित किया जाए.
डिबेट का समय
डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन के बीच पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट अमेरिकी समय के अनुसार रात नौ बजे से शुरू होगी. 90 मिनट की इस डिबेट में कोई ब्रेक नहीं होगा. बाकी बहस भी इसी समय पर आयोजित की जाएंगी.
ट्रंप-बिडेन में कब-कब होगी बहस
-पहली बहस: 29 सितंबर, क्लीवलैंड, ओहियो
-दूसरी बहस: 15 अक्टूबर, मियामी, फ्लोरिडा
-तीसरी बहस: 22 अक्टूबर, नेशविली, तेनेसी
माइक पेंस बनाम कमला हैरिस – उपराष्ट्रपति पद की डिबेट
-7 अक्टूबर, साल्ट लेक सिटी, उटाह


