Former US cop Derek Chauvin found guilty of murder, manslaughter in the death of George Floyd | George Floyd को मौत के घाट उतारने वाला पुलिस अधिकारी Derek Chauvin दोषी करार, Jail में गुजारने पड़ सकते हैं सालों

वॉशिंगटन: अमेरिकी अदालत ने अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड (George Floyd) की मौत के मामले में पूर्व मिनियापोलिस पुलिस अधिकारी डेरेक चॉविन (Derek Chauvin) को दोषी करार दिया है. चॉविन ने 46 वर्षीय फ्लॉयड की गर्दन को काफी देर तक अपने घुटने से दबाकर रखा था, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई थी. इस घटना को लेकर अमेरिका (America) में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी. हजारों की संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.  

10 Hours तक चली चर्चा

हमारी सहयोगी वेबसाइट WION में छपी खबर के अनुसार, वॉशिंगटन की हेनेपिन काउंटी कोर्ट की जूरी ने 10 घंटे की लंबी चर्चा के बाद पुलिसकर्मी डेरेक चॉविन को सभी तीन मामलों में दोषी पाया है. अदालत के फैसले के तुरंत बाद चॉविन की जमानत निरस्त कर दी गई और उसे हथकड़ियों में ले जाया गया. हालांकि, कोर्ट ने अभी सजा नहीं सुनाई है, लेकिन माना जा रहा है कि पुलिसकर्मी को कई दशक जेल में गुजारने पड़ सकते हैं. डेरेक चॉविन को दोषी करार देने वाली जूरी में 6 श्वेत और इतने ही अश्वेत शामिल रहे.

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Floyd के भाई ने जताई खुशी

जूरी ने डेरेक चॉविन को दूसरे दर्जे की गैर-इरादतन हत्या, तीसरे दर्जे की हत्या और दूसरे दर्जे की निर्मम हत्या का दोषी माना है. कोर्ट रूम (Court Room) के बाहर भारी संख्या में लोग मौजूद थे. जैसे ही कोर्ट ने पुलिसकर्मी को दोषी करार दिया, कुछ लोग भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि अब जॉर्ज फ्लॉयड की आत्मा को शांति मिल सकेगी. वहीं, फ्लॉयड के छोटे भाई ने फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं.   

Biden ने किया फैसले का स्वागत

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि ये फैसला मील का पत्थर साबित होगा. राष्ट्रपति ने लोगों से भेदभाव और रंगभेद के खिलाफ आवाज उठाने की अपील भी की. बाइडेन ने कहा कि जो लोग विभाजन की ज्वाला को भड़काते हैं, हम उन्हें सफल नहीं होने दे सकते. यह अमेरिकियों के रूप में एकजुट होने और नस्लीय पूर्वाग्रह से लड़ने का समय है. वहीं, पीड़ित परिवार के वकील बेन क्रम्प (Ben Crump) ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक फैसला है, जो कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जवाबदेही तय करता है.

क्या है पूरा मामला?

जॉर्ज फ्लॉयड की मौत 25 मई, 2020 को हुई थी. फ्लॉयड सिगरेट खरीदने के लिए एक दुकान पर गए थे, लेकिन दुकान के कर्मचारी ने यह कहते हुए पुलिस को बुला लिया था कि जॉर्ज फ्लॉयड ने 20 डॉलर के नकली नोट दिए हैं. मौके पर पहुंची पुलिस ने फ्लॉयड के साथ बेहद बुरा व्यवहार किया और अधिकारी डेरेक चॉविन लगभग नौ मिनट तक फ्लॉयड की गर्दन को अपने घुटनों से दबाए रखा, जिससे उनकी मौत हो गई थी. फ्लॉयड की मौत के बाद मिनियापोलिस सहित पूरे अमेरिका में हिंसक प्रदर्शन हुए. पीड़ित परिवार ने जुलाई में शहर प्रशासन के खिलाफ संघीय नागरिक अधिकार के उल्लंघन का मुकदमा दायर किया. फ्लॉयड की मृत्यु के लिए चॉविन और तीन अन्य अधिकारियों पर आरोप लगाया गया.

 




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