छत्तीसगढ़ के मंत्री टी.एस सिंहदेव. (फाइल फोटो)
जीएसटी (GST) संग्रहण में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बेहतर प्रदर्शन और क्षतिपूर्ति को लेकर केंद्र सरकार के रवैये पर राज्य के जीएसटी मंत्री टीएस सिंहदेव (TS Singhdev) ने प्रतिक्रिया दी है.
टीएस सिंहदेव ने लिखा कि ‘जैसा कि छत्तीसगढ़ जीएसटी संग्रह में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से एक बन गया है और केंद्र सरकार को अमीर बनाता जा रहा है, लेकिन हमें अपने निष्पक्ष और राजस्व में हिस्सेदारी से वंचित कर दिया जाता है. हमें जीएसटी अधिनियम द्वारा गारंटी के रूप में हमारे अधिकार से वंचित किया जा रहा है और आरबीआई से उधार लेने के लिए कहा गया है’.
As Chhattisgarh becomes one of the best performers in GST collection and makes the Central Government richer, we are denied our fair and just share in the revenue. We are being denied our right as guaranteed by the GST act and are asked to borrow from RBI. https://t.co/29c9WcLXjo
— TS Singh Deo (@TS_SinghDeo) September 1, 2020
केन्द्रीय मंत्री ने मांगे थे सुझाव
गौरतलब है की विगत दिनों जीएसटी कॉउन्सिल की बैठक हुई जिसमें केंद्रीय वित्तमंत्री ने जीएसटी क्षतिपूर्ति पर राज्यों से सुझाव मांगे थे, लेकिन अंततः बैठक में राज्यों को ऋण लेकर इसे पूरा करने का विकल्प सामने रखा गया जिसके उपरांत 6 राज्यों (पंजाब, केरल, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और छत्तीसगढ़) के जीएसटी/वित्तमंत्रियों ने चर्चा कर इस प्रस्ताव को एकमत होकर अस्वीकार कर दिया है. इसके बाद वित्त मंत्रालय की ओर से जारी जीएसटी संग्रहण के अगस्त तक के आंकड़ों में जहाँ अधिकांश राज्य नकारात्मक परिणाम पर हैं. वहीं छत्तीसगढ़ में उत्तम प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार को जीएसटी के माध्यम से मुनाफा पहुंचाया है, लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार ने जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए ऋण लेने का प्रस्ताव रखा जिसपर राज्यों में केंद्र सरकार को लेकर आक्रोश है. बता दें कि सीएम भूपेश बघेल भी इसको लेकर केन्द्र सरकार को पत्र लिख चुके हैं.

