-चौलाई एक प्लांट बेस्ड फूड है। यानी पौधे से प्राप्त होनेवाला भोजन। इस कारण यह पूरी तरह शाकाहारी होता है और पौष्टिक होता है। यही कारण है कि हमारे देश में ज्यादातर व्रत और त्यौहारों में चौलाई के लड्डू, चौलाई की खीर, चौलाई की चिक्की आदि का सेवन किया जाता है।
-चौलाई महीन बीजों के रूप में प्राप्त होनेवाला भोजन है। इससे कोई भी भोज्य पदार्थ तैयार करने से पहले इसे धीमी आंच पर लोहे की कड़ाही में भूना जाता है। इससे चौलाई में आयरन और अग्नि के गुणों में बढ़ोतरी होती है।
Original Indian Table Puffed Amaranth
नवरात्रि व्रत में चौलाई खाने के फायदे
लाइट फूड है चौलाई
-चौलाई एक फैट फ्री और लाइट फूड है। इसलिए मोटापे से ग्रसित लोग भी इसका सेवन हर दिन कर सकते हैं। चौलाई में फाइबर्स अच्छी मात्रा में होता है। इसलिए यह पेट को भरा हुआ तो रखती है लेकिन इसे खाने के बाद शरीर में भारीपन का अहसास नहीं होता है।
चौलाई खाने का सही तरीका
-चौलाई सीड्स प्रकृति में गर्म होते हैं। इसलिए इनका सेवन मुख्य रूप से बदलते मौसम और सर्दियों के मौसम में किया जाता है। क्योंकि ये आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करते हैं।
-शारदीय नवरात्रि में आप चौलाई की चिक्की या चौलाई के लड्डू अकेले ना खाएं। बल्कि इन्हें दूध के साथ साथ खाएं। चौलाई की खीर बनाते समय तो दूध का उपयोग होता ही है। इसलिए शारदीय नवरात्रि में व्रती लोगों के खाने के लिए चौलाई की खीर एक संतुलित आहार है।
नवरात्रि व्रत में दूध के साथ खाएं चौलाई के लड्डू
कैसे बनाएं चौलाई की खीर?
-चौलाई की खीर बनाने के लिए आप सबसे पहले चौलाई को भून लें या मार्केट से भुनी हुई चौलाई ही लेकर आएं। इसके बाद दूध को धीमी आंच पर गर्म होने के लिए रख दें।
Amazon Great Indian Festival Sale से सस्ते में खरीदें पौष्टिक और स्वादिष्ट चौलाई
-जब दूध हल्का गर्म हो जाए तो इसमें शुगर और ड्राईफ्रूट्स डालकर इसे धीमी आंच पर 5 से 7 मिनट के लिए पकाते रहें। अब इसमें चौलाई डालकर अच्छी तरह मिला दें और 3 से 5 मिनट के लिए ढककर रख दें। अब आपकी चौलाई की खीर खाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
Source link


