नई दिल्ली, ब्यूरो। पूरा देश आज होली का त्योहार धूमधान से मना रहा है। देश में कहीं रात को होलिका दहन हुआ तो कहीं आज होगा। ज्योतिषों के अनुसार इस बार होलिका दहन 07 मार्च को होगा और 8 मार्च को होली खेली जाएगी। तमाम असमंजस के बीच होलिकोत्सव की शुरुआत सोमवार को होलिका दहन से हुई। कई इलाकों में सोमवार रात होलिका दहन किया गया, जबकि कई इलाकों में लोग मंगलवार शाम होलिका जलाएंगे। वहीं जिन इलाकों में होलिका दहन हुआ भी है वहां मंगलवार को रंग खेला तो जा रहा है, पर बहुत कम संख्या में लोग बाहर निकलेंगे। एसा माना जा रहा है कि होली की रौनक बुधवार को ही नजर आएगी।
चौपटिया होली बरात समिति ने सुबह 9.30 बजे बरात निकाली, एक दूसरे को रंग लगाया। होलिकोत्सव समिति की ओर से भी आयोजन शुरू हो गया है। वैदिक ज्योतिष शोध परिषद के अध्यक्ष महामहोपाध्याय डा. आदित्य पांडेय के अनुसार इस बार होलिका दहन 07 मार्च को होगा और 8 मार्च को होली खेली जाएगी. पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 06 मार्च को शाम 04 बजकर 17 मिनट पर होगी और इसका समापन 07 मार्च को शाम 06 बजकर 09 मिनट पर होगी. होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 07 मार्च, मंगलवार को शाम 06 बजकर 24 मिनट से रात 08 बजकर 51 मिनट तक रहेगा. भद्रा काल का समय 06 मार्च को शाम 04 बजकर 48 मिनट पर शुरू होगा और 07 मार्च को सुबह 05 बजकर 14 मिनट पर समाप्त होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि होलिका दहन पूर्णिमा के दिन प्रदोष काल में की जाए तो सबसे शुभ होता है। इस दौरान भद्रा मुख को त्याग करके रात के समय होलिका दहन करना शुभ होता है। होलिका दहन के दिन होली का पूजा के बाद जल अर्पित करें। इसके बाद शुभ मुहूर्त के अनुसार अपने घर के किसी बड़े बुजुर्ग व्यक्ति से होलिका की अग्नि प्रज्वलित करवाएं। होलिका की अग्नि में फसल सेंके और मुमकिन हो तो इसे अगले दिन सपरिवार ग्रहण अवश्य करें। कहा जाता है होलिका दहन के दिन किया जाने वाला यह उपाय जो कोई भी व्यक्ति करता है उसके जीवन में निराशा और दुख का साया नहीं आता है। साथ ही उस व्यक्ति के परिवार के सभी लोग हमेशा रोगों से मुक्त स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीते हैं। #HappyHoli


