RJD नेताओं का कहना है कि तेजस्वी यादव की रैलियों में 7000-8000 और कई जगहों पर 15000 तक लोग पहुंच रहे हैं. तेजस्वी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पार्टी का संदेश देना चाहते हैं. 31 वर्षीय तेजस्वी यादव महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा हैं. आज (बुधवार) वह करीब 12 सभाओं को संबोधित करेंगे. एक सभा का वीडियो ट्वीट करते हुए वह लिखते हैं, ‘युवा अब जोश में ही नहीं होश में भी है. युवाओं का यह उत्साह, जुनून, प्यार और समर्थन बताता है कि उसे विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, नौकरी और सुनहरा भविष्य चाहिए. पालीगंज में महागठबंधन के युवा प्रत्याशी संदीप सौरव के पक्ष में अपार जनसमर्थन को संबोधित किया. जय हिंद, जय बिहार.’
युवा अब जोश में ही नहीं होश में भी है।
युवाओं का यह उत्साह, जुनून, प्यार और समर्थन बताता है कि उसे विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, नौकरी और सुनहरा भविष्य चाहिए।
पालीगंज में महागठबंधन के युवा प्रत्याशी संदीप सौरव के पक्ष में अपार जनसमर्थन को संबोधित किया। जय हिंद, जय बिहार। pic.twitter.com/OccYQ5qbXN
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) October 20, 2020
तेजस्वी यादव की रैलियों में भारी संख्या में लोगों के जुटने को बीजेपी ने भी आड़े हाथों लिया है. पार्टी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि ज्यादातर रैलियां उन इलाकों में की गई हैं, जहां RJD मजबूत स्थिति में है. वहां पर RJD समर्थक बड़ी संख्या में पहुंचे. उन्होंने कहा कि अगर आप पिछले चुनाव को देखें तो रैलियों में भीड़ का नतीजों से कोई कनेक्शन नहीं था.
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बता दें कि 2015 में हुए चुनाव में RJD प्रमुख लालू यादव खुद चुनाव प्रचार को लीड कर रहे थे. उस साल RJD को 80 सीटें मिली थीं. नीतीश कुमार की JDU को 71 सीटें मिली थीं और कांग्रेस के खाते में 27 सीटें आई थीं. RJD के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी कहते हैं, ‘तेजस्वी की रैलियों में भारी संख्या में लोग जुट रहे हैं, इससे साबित हो रहा है कि राज्य में भारी सत्ता विरोधी लहर है.’
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तेजस्वी अपनी सभाओं में बगैर किसी लाग-लपेट के RJD के चुनावी वादों को जनता के सामने रख रहे हैं. वह बिहार में रोजगार के मुद्दे को प्रमुख तौर पर लोगों के सामने रख रहे हैं. तेजस्वी ने वादा किया है कि उनकी सरकार बनते ही 10 लाख लोगों को नौकरियां दी जाएंगी. उन्होंने समान वेतन, संविदा पर रखे गए कर्मचारियों को नियमित करने, जमीनी स्तर पर जुड़े प्रशासन कर्मचारियों की तनख्वाह बढ़ाने और भ्रष्टाचार खत्म करने का भी चुनावी वादा किया है. अपनी सभाओं में तेजस्वी लॉकडाउन के दौरान बिहार के मजदूरों को हुई तकलीफों का भी खूब जिक्र कर रहे हैं.
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