- तीन दिन में करीब एक लाख टेस्ट किए गएः गंगाखेडकर
- नॉर्थ-ईस्ट में लॉकडाउन की प्रक्रिया सबसे पहले शुरू हुई
ICMR के डिप्टी डायरेक्ट डॉक्टर रमन गंगाखेडकर ने रविवार को आजतक से खास बातचीत की. उन्होंने कहा कि अभी लोगों को ये नहीं सोचना चाहिए कि खतरा टल गया है. एक आदमी की लापरवाही से देश को खतरा हो सकता है. इसलिए जहां तक हो सके एक-दूसरे से मिलने से बचें. हमारा ध्यान सभी राज्यों पर बराबर है.
उन्होंने कहा कि जनता की मदद से हम सही ढंग से कोरोना पर काबू पा सकते हैं. कोरोना का हराना है तो बिना लक्षण वाले लोग भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें. टेस्टिंग के सवाल पर डिप्टी डायरेक्टर ने कहा कि देश के हर एक आदमी का टेस्ट करना मुश्किल है, लेकिन टेस्टिंग को लेकर अच्छा काम हो रहा है. तीन दिनों में करीब एक लाख लोगों के टेस्ट किए गए हैं.
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डिप्टी डायरेक्ट रमन गंगाखेडकर ने कहा कि लॉकडाउन के नियमों का पालन करके जनता हमारा सहयोग कर सकती है. अगर हर आदमी सोशल डिस्टेंसिंग को समझ लेगा तो हम कोरोना पर काबू पा जाएंगे. उन्होंने बताया कि नॉर्थ-ईस्ट में सबसे पहले लॉकडाउन की प्रक्रिया शुरू हुई थी. मुंबई-दिल्ली में बेहतर हेल्थ सुविधा होने के बाद भी केस ज्यादा हैं, लेकिन कुछ छोटे राज्यों में मामले नहीं हैं. इसकी वजह ये है कि वहां के लोग अवेयर हैं.
बता दें कि कोरोना के मामले देश में तेजी से बढ़ रहे हैं. आईसीएमआर की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना मरीजों की संख्या 16 हजार के पार पहुंच चुकी है. अब तक 16116 कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें 519 लोगों की मौत हुई है. वहीं, 2302 लोग ठीक हुए हैं. 23 राज्यों के 43 जिले में 14 दिनों से कोई केस सामने नहीं आया है.

