मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व से सटे विक्रमपुर गांव में पिछले 48 घंटों से फैली दहशत का आखिरकार अंत हो गया। शिकार की तलाश में रिहायशी इलाके तक पहुंची एक बाघिन ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी थी, लेकिन वन विभाग ने रणनीतिक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर उसे सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ दिया।
इस पूरे ऑपरेशन की सबसे खास बात रही 4 प्रशिक्षित हाथियों की तैनाती। वीरेन्द्र कुमार पटेल (डिप्टी डायरेक्टर, पीटीआर) के नेतृत्व में टीम ने हाथियों की मदद से बाघिन की घेराबंदी की और उसे गहरे जंगल में वापस भेज दिया।जानकारी के अनुसार, यह बाघिन T-213 की तीसरी संतान बताई जा रही है, जो आसान शिकार की तलाश में बार-बार आबादी वाले इलाकों का रुख कर रही थी। इससे पहले भी यह जसवंतपुरा क्षेत्र में देखी गई थी।
रेस्क्यू ऑपरेशन सफल होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन वन विभाग ने सतर्कता बरतने की सख्त हिदायत दी है। अधिकारियों ने अपील की है कि शाम के समय अकेले जंगल की ओर न जाएं, क्योंकि बाघिन दोबारा लौट सकती है।


