नक्सली हमले के बाद की एक फाइल तस्वीर
बताया जा रहा है कि नक्सली अपने दबदबे वाले इस इलाके (Naxal Area) में किसी तरह का निर्माण कार्य होने देना नहीं चाहते. गश्त कर रहे जवानों (Security Forces) ने पूरी निगरानी रखते हुए निर्माण कार्य अपनी देखरेख में करवाने का ज़िम्मा लिया है.
एसपी ध्रुव ने पुष्टि की कि निर्माणाधीन सड़क की सुरक्षा के लिए सोमवार सुबह सीआरपीएफ व जिला बल के जवान सर्चिंग पर रवाना हुए थे. मिनपा व बुर्कापाल के बीच गांव के समीप जवानों को सर्चिंग के दौरान आईईडी बरामद हुई. इसका अनुमानित वज़न 10 किलो का बताया गया. जवानों ने आईईडी को मौके पर ही डिफ्यूज़ कर दिया, जिससे हादसा टल गया.
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नक्सली नहीं चाहते सड़क!सुकमा ज़िले के मिनपा को घोर नक्सल प्रभावित इलाका माना जाता है, जहां सड़क निर्माण काम जारी है, जिसे नक्सली बाधित करना चाहते हैं. सूत्रों की मानें तो नक्सली सड़क निर्माण में लगे वाहनों को जलाने की फिराक में हैं, लेकिन जवान भी यहां मुस्तैदी के साथ गश्त कर रहे हैं. जवानों की निगरानी और देखरेख के बीच निर्माण कार्य चल रहा है.
याद रखें कि मिनपा वही गांव है, जहां पिछले साल 17 जवान शहीद हुए थे. इस साल कैंप स्थापित कर दिया गया और मुख्य सड़क से कैंप को जोड़ने के लिए सड़क निर्माण कराया जा रहा है.
यह भी गौरतलब है कि इसी महीने 3 अप्रैल को सुकमा बीजापुर के बीच जो नक्सली हमला हुआ था, उसमें कम से कम 22 सुरक्षा जवानों के साथ 9 नक्सली मारे गए थे. नक्सलियों ने सुरक्षा जवानों के खिलाफ 2017 से जिन हमलों को अंजाम दिया, उनमें यह हमला अब तक सबसे बड़ा बताया गया.


