In SCO Summit Prime Minister Modi said – the United Nations needs reform and gave a strong message to Pak-China | पीएम मोदी ने UN को फिर समझाया सुधारों और बदलाव का महत्व, पाक-चीन को भी दो टूक

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO)में सभी सदस्‍य देशों से कनेक्टिविटी, आतंक पर संयुक्‍त राष्‍ट्र में तत्‍काल सुधार करने का आह्वान किया.

उन्होंने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र (UN) ने 75 साल पूरे कर लिए हैं, लेकिन कई सफलताएं पाने के बाद भी संयुक्त राष्ट्र का मुख्य उद्देश्य अभी भी अधूरा है. संयुक्त राष्ट्र को सुधारों की जरूरत है. परिवर्तन ही एकमात्र स्थिर चीज है.’

कोविड काल में 150 देशों को सहारा दिया
पीएम मोदी (PM Modi) ने बताया कि कैसे कोविड के संकट के दौरान भारत ने डेढ़ सौ देशों में HCQ और पेरासिटामोल जैसी एंटी-कोविड दवाएं पहुंचाईं. 

चीन का नाम लिए बिना पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा, चाबहार बंदरगाह, अश्गाबात समझौता, ये सभी कनेक्टिविटी को लेकर भारत के दृढ़ संकल्प को दर्शाते हैं. कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाते हुए एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना ही बुनियादी सिद्धांत होना चाहिए.’ 

बिगड़े संबंधों के बीच एक मंच पर आए दोनों देशों के प्रमुख  
भारत और चीन के बीच बिगड़े संबंधों के दौरान यह पहला मौका है जब भारतीय पीएम और चीनी राष्ट्रपति दोनों एक मंच पर आए, हालांकि यह कार्यक्रम वर्चुअल तरीके से आयोजित किया गया था. 2020 में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच सबसे लंबा गतिरोध चला, जो अभी भी जारी है.

चीनी सैनिकों द्वारा की गई हिंसक कार्रवाईयों के चलते जून में गलवान घाटी में भारत ने अपने 20 सैनिकों को खो दिया था. 

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पाकिस्‍तान पर भी साधा निशाना 
वहीं पाकिस्तान को लेकर मोदी ने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एससीओ के एजेंडे में द्विपक्षीय मुद्दों को अनावश्यक रूप से लाने के कई प्रयास किए जा रहे हैं. जबकि यह एससीओ चार्टर और शंघाई भावना का उल्लंघन है.’

एससीओ की वर्चुअल समिट में कई बैठकें हुईं. इसमें एससीओ एनएसए मीटिंग में पाकिस्तानी एनएसए ने पाकिस्तान का जो नक्शा रखा, उसमें भारत की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन किया गया. इसे लेकर नई दिल्‍ली ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. 

अब 30 नवंबर को भारत एससीओ प्रमुखों की सरकारी वर्चुअल मीटिंग आयोजित करेगा, जो आर्थिक सहयोग पर केंद्रित है.

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