नई दिल्ली : भारत और जापान ने साइबर सिक्योरिटी समझौते के अहम मसौदे को अंतिम रूप दे दिया है. दोनो देशों के बीच अब क्रिटिकल इंफॉर्मेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर, 5 जी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence ) के क्षेत्र में सुरक्षा और आपसी सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा.
बुधवार को 13वें भारत-जापान संवाद सम्मेलन के तहत भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने समकक्ष मोटेगी तोशीमिशू से मुलाकात की. आपको बता दें कि विदेश मंत्री दो दिन के जापान दौरे पर हैं. जहां पहले दिन चार देशों के महत्वपूर्ण संगठन क्वाड (QUAD) के सदस्य देशों की मीटिंग में भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने मंथन किया.
मुलाकात के बाद, भारत की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनो देश, भारत-प्रशांत क्षेत्र में एक मुक्त और समावेशी व्यवस्था तैयार करेंगे. जिसका तंत्र लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं पर आधारित होगा. जापान ने भारत के उस अहम प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया जिस पर पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया के साथ सहमति बन चुकी थी.
बैठक के दौरान भारत-प्रशांत क्षेत्र को लेकर दोनो देशों के बीच एक जैसी समझ होने की जानकारी दी गई. वहीं दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रामकता पर भी विस्तार से बातचीत हुई. गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख में एलएसी को लेकर चीन से टकराव अभी खत्म नहीं हुआ है, वहीं सेनाकाकू द्वीप को लेकर बीजिंग जापान से टकराव के मूड में है.
इंडो पेसिफिक रीजन में भारत के साथ जुड़कर काम करने को लेकर जापान सहमति दे चुका है. इस प्रस्ताव पर काम करने की सलाह खुद पीएम मोदी ने ईस्ट एशिया समिट के दौरान दी थी. वहीं इसे के साथ दोनो विदेशमंत्रियों संयुक्त राष्ट्र में सुधार, उत्तर कोरिया की आक्रामकता को लेकर चर्चा हुई.
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