नई दिल्ली: भारतीय विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला (Foreign Secretary Harsh Shringla) मालदीव दौरे पर हैं और आज मालदीव (Maldives) के साथ खेल के क्षेत्र में एमओयू और कुछ उच्च प्रभाव वाले सामुदायिक विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर हस्ताक्षर करेंगे. इससे पहले उन्होंने मालदीव के विदेश सचिव अब्दुल गफूर मोहम्मद के साथ चर्चा की थी.
आर्थिक सुधारों पर हुई चर्चा
मालदीव के विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘अब्दुल गफूर मोहम्मद और हर्ष श्रृंगला के बीच मुलाकात में कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न गतिरोध को कम करने और पर्यटन को बढ़ावा देने समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई.’ इसके अलावा दोनों के बीच मालदीव में आर्थिक सुधार में भारतीय सहायता को लेकर चर्चा की गई. बता दें कि कोविड-19 महामारी के शुरुआत में भारत ने मालदीव को भोजन और चिकित्सा समेत कई राहत पहुंचाई थी.
भारत इस प्रोजेक्ट में कर रहा है मदद
यात्रा के दौरान विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला मालदीव-ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट (GMCP) के लिए 100 मिलियन डॉलर (करीब 740 करोड़ रुपये) भी सौंपेंगे. भारत परियोजना के लिए कुल मिलाकर 500 मिलियन डॉलर का वित्त पोषण प्रदान कर रहा है, जिसमें से 100 मिलियन डॉलर अनुदान है और 400 मिलियन डॉलर एक क्रेडिट लाइन (LOC) है। देश की सबसे बड़ी परियोजना राजधानी माले को विलिंग्लि, थिलाफुशी और गुलहिफालु के साथ पुलों और कुल 6.695 किलोमीटर की कुल लंबाई के माध्यम से जोड़ेगी.
राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह से भी करेंगे मुलाकात
अपनी यात्रा के दौरान हर्ष श्रृंगला मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह से मुलाकात करेंगे और उनकी विदेश, रक्षा, वित्त, आर्थिक सुधार, योजना, पर्यटन और युवा एवं खेल मामलों के मंत्रियों से भी मुलाकात होगी. इसके अलावा विदेश सचिव स्पीकर मोहम्मद नशीद से भी मुलाकात करेंगे और अन्य राजनेताओं के साथ भी चर्चा करेंगे.
‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति में मालदीव का विशेष स्थान
यात्रा से पहले एक विज्ञप्ति में विदेश मंत्रालय ने कहा कि मालदीव भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति में एक विशेष स्थान रखता है. मालदीव के साथ परीक्षण और स्थायी संबंध मजबूत हैं और हाल के महीने में यह और भी अधिक गहरा हुआ है. विदेश मंत्रालय ने बताया था कि विदेश सचिव मालदीव सरकार, प्रमुख मंत्रियों और राष्ट्रीय नेतृत्व के अलावा समाज के सभी तबकों से बातचीत करेंगे और भारत-मालदीव के रिश्ते को और मजबूत करेंगे.
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