हैदराबाद के रहने वाले, पोथुगोंडा ने मिशन को बताया कि वह 2007 में विजिट वीजा पर यूएई आए थे, लेकिन उन्हें लाने वाले एजेंट ने उन्हें छोड़ दिया. भारतीय वाणिज्य दूतावास के एक अधिकारी जितेंद्र नेगी ने गल्फ न्यूज को बताया कि मेदी ने यह भी बताया था कि एजेंट ने उनका पासपोर्ट वापस नहीं किया.

13 साल बाद युवक की वतन वापसी संभव हो सकी…..

