राजस्थान के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी Parish Deshmukh एक बार फिर चर्चा में हैं। राज्य सरकार ने डीआईजी परिस देशमुख को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए कार्यमुक्त कर दिया है। उनका चयन Border Security Force में डीआईजी पद पर हुआ है, जिसके बाद उन्हें अगले पांच वर्षों के लिए राजस्थान कैडर से रिलीव कर दिया गया है।आईपीएस परिस देशमुख इससे पहले राजस्थान के Special Operations Group (SOG) में तैनात थे, जहां उनके नेतृत्व में राजस्थान पुलिस ने कई बड़े पेपरलीक माफियाओं और नकल गिरोहों का भंडाफोड़ किया। मई 2026 में उन्हें आधिकारिक तौर पर एसओजी से कार्यमुक्त कर बीएसएफ में नई जिम्मेदारी सौंपी गई।परिस देशमुख के कार्यकाल में राजस्थान में हुए कई चर्चित भर्ती घोटालों की जांच तेज हुई। खासतौर पर राजस्थान एसआई भर्ती परीक्षा 2021 पेपरलीक मामले में बाबूलाल कटारा की भूमिका उजागर करने, कनिष्ठ लिपिक भर्ती में पौरव कालेर गिरोह पर कार्रवाई करने और डमी कैंडिडेट के रूप में सरकारी शिक्षक रोशन लाल मीणा की गिरफ्तारी जैसे मामलों में उनकी टीम की कार्रवाई काफी चर्चित रही।इसके अलावा फर्जी डिग्री रैकेट, नकल माफियाओं और भर्ती परीक्षाओं में संगठित भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर भी उनकी सराहना होती रही है। अब बीएसएफ में उनकी नई तैनाती को सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक मजबूती के लिहाज से अहम माना जा रहा है।


