दिल्ली में कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अल्पसंख्यक एडवाइजरी काउंसिल की अहम बैठक में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi समेत देशभर से आए 52 प्रमुख अल्पसंख्यक नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में आगामी राजनीतिक रणनीति, सामाजिक मुद्दों और देश की मौजूदा परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि आने वाले समय में “हिंदू-मुस्लिम राजनीति” का असर कम होता जाएगा। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता जैसे मुद्दों को ज्यादा गंभीरता से देख रही है।राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा कि अब देश की असली लड़ाई “अमीरी और गरीबी” के बीच होगी। उनका मानना है कि बढ़ती महंगाई और आर्थिक विषमता ने आम लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया है और यही आने वाले समय की सबसे बड़ी राजनीतिक बहस बनेगी।
बैठक में मौजूद नेताओं ने भी अल्पसंख्यकों से जुड़े सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपने सुझाव रखे। कांग्रेस नेतृत्व ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और विभिन्न समुदायों के बीच संवाद बढ़ाने पर जोर दिया।कांग्रेस की इस बैठक को आगामी चुनावों और विपक्षी राजनीति की रणनीति के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है। वहीं भाजपा की ओर से इस बयान पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


