Kalash Yatra being taken out by forgetting Corona, what is the work of social distancing in electoral atmosphere! – कोरोना को ठेंगा बताकर निकाली जा रही कलश यात्रा, चुनावी माहौल में सोशल डिस्टेंसिंग का क्या काम!

कोरोना को ठेंगा बताकर निकाली जा रही कलश यात्रा, चुनावी माहौल में सोशल डिस्टेंसिंग का क्या काम!

मध्यप्रदेश में नर्मदा नदी के किनारे मंत्री तुलसी सिलावट के साथ मौजूद भारी भीड़.

खास बातें

  • हजारों की भीड़ कलश यात्रा लेकर 3 सितंबर से निकली
  • कलश यात्रा में महिलाओं को मुफ्त में कलश, नारियल और साड़ी बांटी जा रही
  • मध्यप्रदेश में सितंबर में कोरोना के औसतन 1640 मामले हर दिन आए

भोपाल:

मध्‍यप्रदेश (Madhya Pradesh) में लगभग 34 फीसदी मंत्री, कई विधायक कोरोना के शिकार हो चुके हैं, इसके बावजूद प्रदेश में सियासी गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं. उपचुनाव (By Election) वाले 27 विधानसभा क्षेत्रों में सुरक्षित शारीरिक दूरी का ध्यान रखे बिना बड़ी संख्या में चुनावी बैठकें की जा रही हैं. इंदौर जिले के सांवेर विधानसभा से कांग्रेस से पाला बदलकर बीजेपी में आए मंत्री तुलसी सिलावट (Tulsi Silawat) उम्मीदवार हैं. उनके इलाके में 2400 करोड़ रुपये की लागत से नर्मदा जल सिंचाई परियोजना का भूमिपूजन होने वाला है, इसलिये वहां हजारों की भीड़ कलश यात्रा लेकर 3 सितंबर से निकली है.

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कोरोना संकट को भूलकर कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट, जो खुद कोरोना से ठीक होकर लौटे हैं, ने हर गांव में नर्मदा के अभिवादन के लिए कलश यात्रा शुरू की है. कांग्रेस ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि इस कलश यात्रा में महिलाओं  को मुफ्त में कलश, नारियल और साड़ी बांटी जा रही है. यही वजह है कि गांव-गांव में कलश यात्रा को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण कलश यात्रा का हिस्सा बन रहे हैं.

सांवेर विधानसभा के 250 गांवों के 314 बूथों पर कलश यात्रा निकालकर, घर-घर में मां नर्मदा का अभिनंदन किया जा रहा है. मंत्रीजी कहते हैं- ये लोगों का प्रेम है, कांग्रेस का आरोप है- ये भ्रष्टाचार है. तुलसी सिलावट ने कहा कि कलश यात्रा गांव के मंदिर में निकल रही है, मां शक्ति निकाल रही है, धर्म आस्था है, नर्मदा मां के प्रति प्रेम है. वहीं कांग्रेस के सचिव राकेश सिंह यादव ने कहा हजारों लोगों की जान को खतरे में डाला जा रहा है. प्रशासन को तत्काल रासुका की कार्रवाई करनी चाहिए. प्रायोजित तरीके से कलश यात्रा निकाली गई है, सिर्फ साड़ी, कलश देकर… जनता जानती है.

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यह सब तब हो रहा है जब राज्य में मुख्यमंत्री सहित 9 मंत्री, 21 विधायक कोरोना संक्रमित हो चुके हैं. पिछले एक हफ्ते में हर मिनट पर एक मरीज़ मिला है. सितंबर में औसतन हर दिन 1640 मामले आए हैं. राजधानी भोपाल में 86 फीसदी आईसीयू बेड भर चुके हैं. बात टेस्ट की हो तो प्रति 10 लाख टेस्ट के मामले में मध्यप्रदेश फिसड्डी है, जहां 18133 टेस्ट हो रहे हैं, देश में 16 वें नंबर पर. 

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हालांकि सरकार के कुछ मंत्री अभी भी बगैर मास्क नजर आते हैं, कहते हैं कि गोबर में खेले हैं, कोरोना नहीं होगा. कैबिनेट मंत्री इमरती देवी ग्वालियर में बगैर मास्क नजर आईं. सवाल पूछने पर कहा इमरती देवी मिट्टी में पैदा हुई, गोबर में पैदा हुई, कोरोना पास नहीं आएगा, ये जबरदस्ती लगाएं क्या हम.




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