छतरपुर/पन्ना। केन-बेतवा लिंक परियोजना के डूब क्षेत्र में मुआवजा और पुनर्वास की मांग को लेकर पिछले 12 दिनों से जारी ‘चिता आंदोलन’ आखिरकार समाप्त हो गया। यह फैसला पन्ना और छतरपुर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ हुई अहम बैठक के बाद लिया गया।
आंदोलन में शामिल आदिवासी महिलाओं और किसानों ने प्रशासन के आश्वासन पर भरोसा जताते हुए सशर्त रूप से धरना खत्म किया। प्रशासन ने भरोसा दिया है कि क्षेत्र में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिए एसडीएम स्तर के अधिकारी स्वयं गांव-गांव जाकर सर्वे करेंगे और पात्र हितग्राहियों को न्याय दिलाया जाएगा।
आंदोलन के प्रणेता किसान नेता अमित भटनागर ने साफ किया कि यह आंदोलन स्थायी रूप से खत्म नहीं हुआ है, बल्कि केवल 10 दिनों के लिए स्थगित किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो क्षेत्र में पहले से भी बड़ा ‘महा आंदोलन’ शुरू किया जाएगा।फिलहाल, प्रशासन द्वारा 7 दिनों में सर्वे पूरा करने के भरोसे पर आदिवासियों ने आंदोलन को विराम दिया है, लेकिन क्षेत्र में स्थिति अब भी संवेदनशील बनी हुई है।


