दमोह में ‘कृषक कल्याण वर्ष-2026’ के अंतर्गत आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ में वर्चुअली जुड़कर किसानों से संवाद किया गया। इस दौरान किसानों की आय बढ़ाने और खेती को नई दिशा देने के लिए विभिन्न योजनाओं और नवाचारों की जानकारी दी गई।
किसानों को अश्वगंधा की खेती के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके तहत 100 से अधिक किसानों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। साथ ही जिले में मखाने के उत्पादन को भी प्रोत्साहन देने की तैयारी है।प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए दमोह के सभी 7 विकासखंडों में हाट बाजार शुरू किए गए हैं। इन बाजारों के जरिए स्थानीय किसानों को अपने प्राकृतिक और जैविक उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।
दमोह में सूक्ष्म सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 1.35 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना को जिले के लिए महत्वपूर्ण और वरदान साबित होने वाली परियोजना बताया गया है।किसानों से अपील की गई है कि वे MSP पर धान और ज्वार-बाजरा के उपार्जन के लिए अपना पंजीयन 10 अक्टूबर तक करा लें। सरकार की ओर से किसानों को उत्पादन, सिंचाई और वैकल्पिक फसलों के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।


