महिला मजदूरों की भी मदद की जा रही है.
सबसे खास बात ये रही की ग्रुप की महिला सदस्यों ने प्रवासी महिला मजदूरों के स्वास्थ्य का ध्यान में रखते हुए सैनिटरी नैपकिन्स (Sanitary Napkin) का भी वितरित कर रहे हैं.
प्रवासी मजदूरों की स्थिति देखकर सभी ने फैसला किया की वे अपनी तरफ से मजदूरों को जितनी भी मदद हो सके करेंगे. इसलिए उन्होंने प्रदेश में आ रहे प्रवासी मजदूरों को भोजन पैकेट, पानी, बिस्किट, स्नैक्स, सैनिटाइजर, गमछा, साबुन जैसी चीजें उन तक पहुंचाने का काम शुरू किया. सबसे खास बात ये रही की ग्रुप की महिला सदस्यों ने प्रवासी महिला मजदूरों के स्वास्थ्य का ध्यान में रखते हुए सैनिटरी नैपकिन्स का भी वितरित कर रहे हैं.
एक वाट्सएप ग्रुप ऐसे बना मजदूरों का मददगार
ग्रुप सभी सदस्य का हाल ही में रियूनियन ग्रुप बना और सभी सदस्य देश-विदेश में सभी विधाओं में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इस ग्रुप में ऐसे भी सदस्य हैं जो वर्तमान इस राज्य में, इस देश में नहीं रह रहे हैं. उन्होंने भी अपना योगदान देकर इस नेक पहल को सफल बनाया है. डॉ. वर्षा ने बताया कि धीरे-धीरे ग्रुप में स्कूल के 126 एक्स स्टूडेंट्स जुड़ गए हैं. सभी ने ये फैसला लिया है कि वे इसी तरह आगे भी अपने कार्यक्षेत्र, समाज तथा देश के प्रति अपने दायित्व को सामूहिक रूप से निर्वहन करेंगे और समाज में अपना योगदान देते रहेंगे.
मजदूरों तक जरूर का सामान पहुंचाया जा रहा है.
ग्रुप के सदस्य विनय अरोरा ने बताया कि पहले ग्रुप के कुछ ही सदस्य आगे आए और अब पूरा ग्रुप मिलकर सहयोग कर रहा है. विनय का कहना है कि जरूरतमंदों के लिए ये मदद आगे भी जारी रहेगी. अब अगला टारगेट कुपोषण के खिलाफ होगा जिसमें कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए ग्रुप के सदस्य मदद की कोशिश करेंगे.
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First published: May 23, 2020, 9:30 AM IST


