देवास, ब्यूरो। मध्य प्रदेश के देवास (Dewas) जिले में अजब-गजब तस्वीर सामने आई है। देवास जिले के हाटपीपल्या में मंगलवार शाम डोल ग्यारस के मौके पर भमोरी नदी (Bhamori River) में एक प्रतिमा तैराई गई। यह प्रतिमा भगवान नृसिंह (Lord Nrasingh) की थी, जिसका वजन साढ़े सात किलो था, यह पाषाण प्रतिमा (Pashan Pratima) है। बताया जा रहा है कि इस वर्ष तीनों ही बार प्रतिमा पानी (Stone Statue Floating in River Dewas ) में तैरती दिखाई दी। ऐसा माना जाता है कि अब जिले में वर्षभर खुशहाली-समृद्धि रहेगी। पिछले वर्ष दो बार तैरी थी पाषाण प्रतिमा। नृसिंह घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, पहली बार राजकीय सम्मान के साथ हुआ आयोजन। हाटपीपल्या में करीब डेढ़ सौ सालों से भगवान नृसिंह की साढ़े सात किलो वजनी पत्थर की पाषाण प्रतिमा नदी में तैराई जाने की परंपरा है।
प्रतिमा के तैरने से अंदाजा लगाया जाता है कि अगला साल कैसा जायेगा। वर्षों से प्रतिमा का तैरना चमत्कार माना जाता है, और यहाँ के लोगों में इस अयोजन को लेकर जबरजस्त उत्साह रहता है। देवास जिले के हाटपीपल्या में भगवान नृसिंह का प्राचिन मंदिर है। जिसमें साढ़े सात किलो वजनी ठोस चमत्कारी पाषाण प्रतिमा विराजमान है। भगवान नृसिंह मंदिर से प्रतिमा को प्रतिवर्ष डोल ग्यारस पर बड़ी ही धुमधाम से मंदिर से एक जुलूस के रुप में पूरे नगर में अखाड़ा-जुलूस के साथ भ्रमण करवा कर नृसिंह घाट ले जाया जाता है। डोल ग्यारस पर्व पर प्रतिवर्ष भमोरी नदी में हजारों लोगों की मौजूदगी में इस पाषाण प्रतिमा को पूजा-अर्चना कर पूरे सम्मान के साथ नदी में तैराया जाता है।

बताया जाता है कि भगवान नृसिंह की पाषाण प्रतिमा को भमोरी नदी में मन्दिर के पुजारी के द्वारा तीन बार पानी में तैराया जाता है। लोगों की आस्था व यह मान्यता है, कि मूर्ति अगर एक बार तैरी और दो बार डूब गई तो वर्ष के 12 महीने में से सिर्फ चार महीने ही अच्छे निकलेंगे। दो बार तैरी और एक बार डूबी तो समझो आठ माह अच्छे एवं चार माह खराब जायेंगे।और यदि तीनों ही मर्तबा तैरी तो वर्षभर पुरे क्षेत्र में खुशहाली , समृद्धि रहेगी । क्षेत्र में अच्छी फसल आएगी। और यदि तीनों ही बार डूब गई तो सूखे, प्राकृतिक आपदा के हालात बनेंगे। खास बात यह है कि इस वर्ष प्रतिमा तीनों ही मर्तबा पानी में तैरती रही। पंडित गोपालदास वैष्णव ने ऐसा तीन बार किया। हर बार प्रतिमा तैरती रही। इस दौरान घाट पर मौजूद हजारों लोगों ने भगवान नृसिंह के जयकारे लगाए। श्रद्धालु ख़ुशी से झूम उठे। क्योंकि क्षेत्र के लिए पूरा साल खुशहाली भरा रहने वाला है। हाटपीपल्या विधायक मनोज चौधरी (Mnoj Chaudhary MLA) ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि भगवान नृसिंह का आशीर्वाद क्षेत्र के सभी लोगों पर बना हुआ हैं। प्रतिमा तीन बार तैरी हैं, भगवान के आशीर्वाद से यह पूरा वर्ष अच्छा जाएगा। हर साल यह आयोजन डोल ग्यारस के मौके पर होता रहा है। लेकिन, पंडितों ने मुहूर्त देखने के बाद मंगलवार आयोजन करने की सलाह दी थी। इसके चलते कलेक्टर ने सोमवार के स्थानीय अवकाश की जगह अगले दिन यानी मंगलवार को छुट्टी घोषित की थी। मंगलवार दोपहर में मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद आरती हुई। भमोरी नदी घाट से लेकर मंदिर तक कालीन बिछाई गई। जिस पर भगवान नृसिंह का ढोल-ढमाके के साथ चल समारोह निकाला गया। चल समारोह में पुलिस बैंड भी शामिल था। आयोजन को लेकर पहले से ही विशेष तैयारी की गई थी। इस मौके पर विधायक मनोज चौधरी, नगर परिषद अध्यक्ष चंद्रकांता राठौर सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित थे। आपको बता दें कि नपाध्यक्ष और पार्षदों ने विधायक मनोज चौधरी के साथ गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात कर भगवान नृसिंह को राजकीय सम्मान देने की मांग की थी। इसके बाद गृहमंत्री ने उज्जैन आईजी और देवास एसपी को निर्देश दिए थे। विधायक मनोज चौधरी एवं नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि अरूण राठौर के प्रयास से पहली बार पाषाण प्रतिमा के चल समारोह में पुलिस बैंड शामिल हुआ। साथ ही पाषाण प्रतिमा को डोल में विराजित करने के बाद तथा नृसिंह घाट पर पाषाण प्रतिमा के तैराए जाने के पूर्व भगवान नृसिंह को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।


