मध्य प्रदेश के मंदसौर से भोपाल होता हुआ ग्वालियर पहुंचा, “लंपी वायरस”।”गोवंश” पर “लंपी वायरस” का हमला, हर दिन हो रही है गोवंश की मौत।सरकारी आंकड़े के अनुसार ग्वालियर में 18, चंबल- संभाग में 42 गोवंश की अब तक हुई मौत।गोवंश के लिवर, हार्ट और लंग्स पर कर रहा है “लंपी वायरस अटैक”संक्रमण की चेन तोडने के लिए चलाया जा रहा है वैक्सीनेशन अभियान। “लंपी वायरस अटैक” से निपटने के लिए पशुपालन विभाग के पास अलग से नहीं है कोई बजट।
संक्रमण को रोकने के लिए पशुपालन विभाग से 5 लाख और वैक्सीनेशन की गई है मांग।पशुपालकों को भी अपने पशुओं को सुरक्षित रखने और आइसोलेट करने की दी जा रही है सलाह।
मध्य प्रदेश के मंदसौर से भोपाल होते है ग्वालियर ग्वालियर पहुंचा “लंपी वायरस” ने “गोवंश” पर “जानलेवा हमला” किया है हालत यह है कि हर दिन बड़ी संख्या में “गोवंश” इसकी चपेट में आ रहे हैं.. आंकड़े बताते हैं कि ग्वालियर में 18 और चंबल- संभाग में अब तक 42 गोवंश की मौत हो चुकी है..वायरल संक्रमणको रोकने के लिए पशुपालन विभागसे 5 लाख वैक्सीनेशन की मांग की गई है।
ग्वालियर अंचल में “लंपी वायरस” की चपेट में आकर गोवंश की मौतों का सिलसिला जारी है..सडकों से लेकर डेयरियों और गौशालाओं में हर दिन 25 से 30 गोवंश इस वायरल संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं..सरकारी आंकड़े बताते हैं कि ग्वालियर में 18 गोवंश की मौत हो चुकी है 35 केस अभी एक्टिव है जबकि अंचल में अब तक 42 गोवंश की मौत हो चुकी..ऐसे में लंपी वायरस पर लगाम लगाना पशु चिकित्सकों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है..
वहीं पशु चिकित्सा विभाग का कहना है कि मंदसौर से ग्वालियर पहुंचा लंपी वायरस का नया स्ट्रेन पशुओं के शरीर के बेहद संवेदनशील अंगों को निशाना बना रहा है.. खासकर यहां वायरस निराश्रित गोवंश जिनका इम्यूनिटी सिस्टम वीक है उन पर अटैक कर रहा है, ग्वालियर, और दतिया से ज्यादा केस सामने आए हैं,विभाग की ओर इस बीमारी से निपटने के लिए कोई अलग से बजट नहीं रखा गया है लेकिनटीकाकरण (वैक्सीनेशन) अभियान चलाया जा रहा है..5 लाख वैक्सीनेशन की और मांग की गई है.. क्योंकि बरसात के बाद अगस्त माह में हर साल प्रदेश भर में लंपी वायरस अपनी दस्तक देता है।


