कावेरी नदी पर प्रस्तावित मेकेदातु बांध परियोजना को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। प्रधानमंत्री से परियोजना को रोकने की अपील के बाद अब तमिलनाडु सरकार ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की मुख्य पीठ का रुख किया है।
तमिलनाडु सरकार ने अपनी याचिका में एनजीटी से मांग की है कि कर्नाटक सरकार को प्रस्तावित मेकेदातु बांध स्थल पर किसी भी प्रकार की गतिविधि करने से रोका जाए। राज्य ने विशेष रूप से प्रस्तावित भूमि पूजन कार्यक्रम पर भी तत्काल रोक लगाने की अपील की है।याचिका में तमिलनाडु सरकार का कहना है कि अंतर-राज्यीय कावेरी नदी पर बनने वाली इस परियोजना को बिना आवश्यक पर्यावरणीय मंजूरियों के आगे बढ़ाने का प्रयास कानून के विरुद्ध है।
सरकार ने तर्क दिया है कि पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) अधिसूचना, 2006 के तहत इस तरह की परियोजनाओं के लिए पूर्व पर्यावरणीय स्वीकृति अनिवार्य है। इसके बिना किसी भी निर्माण या संबंधित गतिविधि को एकतरफा, अनधिकृत और अवैध माना जाना चाहिए।तमिलनाडु ने यह भी दावा किया है कि यदि परियोजना को जरूरी मंजूरियों के बिना आगे बढ़ाया गया, तो इससे राज्य के जल हितों और कावेरी नदी के जल बंटवारे पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। मामले को लेकर अब सभी की नजरें एनजीटी के फैसले पर टिकी हैं।


