most important reasons for corona testing: Testing For Covid-19: आंखें खोल देगी यह रिपोर्ट, मरीज ढूंढने से ज्यादा इसलिए जरूरी है कोरोना की जांच – there are two most important reasons for corona testing in hindi

Edited By Garima Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

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अभी तक ज्यादातर लोगों का यही मानना रहा है कि जिन लोगों में फ्लू के लक्षण दिखाई दे रहे हों, उन्हीं का कोरोना टेस्ट होना जरूरी है। ताकि पता चल सके कि उन्हें मौसमी संक्रमण है या वे कोविड-19 पॉजिटिव हो चुके हैं। अगर आप भी यही सोचते हैं तो यहां हेल्थ एक्सपर्ट्स से जान लीजिए कि यह बात सिर्फ आधा सच ही है! ऐसा क्यों है, आइए पता करते हैं…

यूनाइटेड किंगडम (यूके) स्थित एक संस्थान ने अपने ताजा शोध में ये आंकड़े हासिल किए हैं कि जिन लोगों में कोरोना का कोई भी लक्षण नहीं था और जो दिखने में पूरी तरह स्वस्थ थे, उनमें आधे से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हैं। यह सर्वे यूके की संस्था ऑफिस ऑर नैशनल स्टेटिस्टिक्स (ONS)द्वारा किया गया है।

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शोधार्थियों का कहना है कि इंग्लैंड स्थित जितनी भी सेवा संस्थाओं जैसे हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, ग्रॉसरी स्टोर्स आदि में अभी तक जितने ऐसे लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया है, जिनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं था, उनमें से 78 प्रतिशत लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। यह अपने आपमें चौंकानेवाला आंकड़ा है। शोधार्थियों का कहना है कि अगर इस रिपोर्ट को पूरी दुनिया पर लागू करके देखा जाए तो हमें इस तरह की बुनियादी सुविधाएं पहुंचानेवाले लोगों की 78 प्रतिशत आबादी कोरोना से ग्रसित है लेकिन उसमें इस बीमारी के कोई लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं।

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और भी हैरान करेगी यह बात!

-शोधार्थियों का कहना है कि इस बड़ी संख्या के अलावा जो दूसरी चौंकाने वाली बात है, वह यह है कि 78 प्रतिशत की इस जनसंख्या में प्री-सिम्प्टोमेटिक (ऐसे लोग जिनमें टेस्ट के कुछ दिनों बात कोरोना के प्रारंभिक लक्षण पाए गए) और एसिंप्टोमेटिक (जिनमें कोरोना के कोई लक्षण कभी नजर नहीं आए) दोनों तरह के लोग शामिल हैं। लेकिन जिस समय इन लोगों का टेस्ट किया गया था, उस वक्त इनमें से किसी को भी किसी भी तरह की शारीरिक समस्या नहीं हो रही थी, जिसके आधार पर यह कहा जा सकता कि इनमें कोरोना के लक्षण तो नजर नहीं आए लेकिन किसी अन्य बीमारी के लक्षण दिख रहे थे!

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क्यों जरूरी है लगातार टेस्टिंग?

-इस रिसर्च से जुड़े एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि हमें कोरोना संक्रमण से जुड़ी जांच को लगातार और तेज गति से करते रहना होगा। क्योंकि दुनियाभर में अभी तक किए गए प्रयासों के आधार पर हम इस संक्रमण को काफी हद तक नियंत्रित करने में सफल रहे हैं।

-इससे पहले कि इस संक्रमण का दूसरा फेज और भी गंभीर रूप लेकर मानव जाति को नुकसान पहुंचाए, हमें अपने प्रयासों को जारी रखते हुए इसके दूसरे चरण को आने से पहले ही रोक देना चाहिए। नहीं तो अगर यह संक्रमण अपने दूसरे फेज में इस पैंडेमिक से भी अधिक खतरनाक रूप लेकर सामने आया तो हमारे लिए और भी मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

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