
भोपाल। केंद्र सरकार की फ्लैगशिप स्कीम स्वामित्व योजना के तहत मध्य प्रदेश के लाखों लोगों को लाभ मिला है। मध्य प्रदेश शासन ने स्वामित्व योजना में 8990 गांवों के 9 लाख 37 हजार अधिकार-पत्र नागरिकों को सौंपे हैं। गौरतलब है कि शासन ने 50 हजार ग्रामों में आबादी सर्वेक्षण का कार्य अगस्त 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। शासन ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये हैं कि महत्वपूर्ण एवं लोक कल्याणकारी योजना नगरीय भू-अधिकार योजना का अधिक से अधिक प्रचार किया जाये, जिससे पात्र लोग योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने निर्देश दिये कि शिविर लगा कर प्राप्त आवेदनों का निराकरण जल्द से जल्द किया जाये। शासन ने रेवेन्यू केस मैनेजमेंट सिस्टम (आर.सी.एम.एस.) के क्रियान्वयन को भी गति देने के निर्देश दिये हैं।
क्या है स्वामित्व योजना
स्वामित्व योजना के तहत गांव के उन लोगों को अपने जमीन का मालिकाना हक दिया जा रहा है, जिनकी जमीन किसी भी सरकारी आंकड़े में दर्ज नहीं है। ऐसी जमीन पर कब्जा होने का खतरा रहता है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना को शुरुआत की है। योजना के तहत आबादी में बने घरों का पट्टा भी सरकार ग्रामीणों को दे रही है। योजना की शुरुआत वर्ष 2020 में अप्रैल के महीने में हुई थी। साल 2025 तक इस योजना के तहत 6.62 लाख गांवों को शामिल करने की प्लानिंग है।
आप ऐसे ले सकते हैं लाभ
गांव में रहने वाले लोगों को प्रॉपर्टी कार्ड के लिए योजना के तहत आवेदन करने की जरूरत नहीं होती। सरकार द्वारा जैसे-जैसे ग्रामीण भारत में सर्वे और मैपिंग का काम होता जाता है, वैसे-वैसे ही लोगों को उनकी जमीन का पट्टा मिलते जाता है। जमीन खुद के नाम होने से लोग उसे आसानी से बेच या खरीद पाएंगे। साथ ही बैंक से लोन मिलने में भी आसानी होगी।

