छतरपुर जिले के बिजावर न्यायालय ने पत्नी की निर्मम हत्या के मामले में आरोपी पति धनीराम पाल को आजीवन कारावास और 5000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, बिजावर द्वारा सुनाया गया, जिसमें अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी पाया।
अभियोजन के अनुसार, फरियादी सुरेंद्र पाल ने थाना भगवां में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बहन जयबाई पाल, जिसकी शादी धनीराम पाल से हुई थी, पिछले एक महीने से मायके ग्राम मथानीखेरा में रह रही थी। 8 सितंबर 2023 को आरोपी अपनी पत्नी को लेने ससुराल पहुंचा, लेकिन परिवार द्वारा उसे कुछ दिन बाद भेजने की बात कहे जाने पर वह वहीं रुक गया।
अगले दिन 9 सितंबर को दोपहर के समय जब फरियादी घर लौटा तो उसने घर के अंदर गाली-गलौच की आवाज सुनी। दूसरे दरवाजे से अंदर जाने पर उसने देखा कि आरोपी धनीराम पाल ने गुस्से में आकर आंगन में रखी कुल्हाड़ी से उसकी बहन के सिर पर वार कर दिया, जिससे गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के दौरान फरियादी की पत्नी और गांव का एक अन्य व्यक्ति भी मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन आरोपी उन्हें धक्का देकर फरार हो गया।घटना की सूचना पर थाना भगवां पुलिस ने मर्ग कायम कर धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे सनसनीखेज श्रेणी में रखा गया।
जांच पूर्ण होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया।सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सभी आवश्यक साक्ष्य और गवाह पेश किए, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक बी.डी. शुक्ला द्वारा की गई, जबकि पूरे प्रकरण की विवेचना निरीक्षक रामस्वरूप उपाध्याय ने की।


