महू/इंदौर। इंदौर की पेयजल व्यवस्था एक बार फिर बड़े संकट का सामना कर रही है। महू के गैरिसन ग्राउंड के पास नर्मदा फेस-3 की मुख्य पाइपलाइन अचानक फट जाने से लाखों गैलन पानी सड़क पर बह गया। पाइपलाइन फूटने के बाद पानी करीब आधा किलोमीटर तक फैल गया, जिससे क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए।
तेज बहाव के कारण आसपास के घरों, दुकानों और बैंकों में पानी घुस गया, वहीं यातायात भी प्रभावित हुआ। राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना के चलते इंदौर की लगभग 80 पानी की टंकियों की जलापूर्ति प्रभावित हुई है, जबकि महू शहर और सैन्य क्षेत्र में भी पेयजल आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले सात दिनों से पाइपलाइन में लीकेज की शिकायत की जा रही थी, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने समय रहते मरम्मत नहीं कराई। इसके चलते बड़ा हादसा हो गया और लाखों गैलन पानी व्यर्थ बह गया। पाइपलाइन फूटने से सूखे नालों में भी तेज जल प्रवाह शुरू हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही नर्मदा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य शुरू कराया। उल्लेखनीय है कि तीन दिन पहले ही महू-सिमरोल मार्ग स्थित भेरू घाट पर भी नर्मदा पाइपलाइन फूटने से बड़ी मात्रा में पानी सड़क पर बह गया था।
लगातार पाइपलाइन फूटने की घटनाओं से न केवल करोड़ों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है, बल्कि इंदौर और आसपास के क्षेत्रों की जनता को जल संकट का सामना भी करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए स्थायी समाधान की मांग की है।


