National Ayurveda Day: 100 रोगों की एक दवा है आयुर्वेद की ये 7 जड़ी-बूटियां, डॉ. ने कहा- सुपरड्रग्स से कम नहीं – national ayurveda day 2022 know the 7 most powerful natural herbs

हर साल 23 अक्टूबर को धन्वंतरि जयंती पर राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस ( National Ayurveda day) मनाया जाता है। धन्वंतरि एक आचार्य थें जिन्हें आयुर्वेद का जनक माना जाता है। आयुर्वेद दिवस को मनाने का उद्देश्य भारत के लोगों को आयुर्वेद सबसे पुरानी चिकित्सा पध्दति के बारे में जागरूक करना है।

आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉक्टर शरद कुलकर्णी बताते हैं कि आयुर्वेद में इस्तेमाल की जाने वाले कई हर्ब्स या जड़ी-बूटियां ऐसे हैं, जो कम से कम 100 तरह की बीमारियों के उपचार और बचाव में फायदेमंद होते हैं। हालांकि, आयुर्वेदिक हर्ब्स के आमतौर साइड इफेक्ट्स नहीं होते हैं, लेकिन फिर भी इनका सेवन 10-15 दिन के अंतराल में करना चाहिए। साथ ही इन्हें लेने से पहले आयुर्वेद के जानकार से परामर्श जरूर लें।

​हरीतकी

आयुर्वेद विशेषज्ञ बताते हैं कि हरीतकी कई सारी बीमारियों से बचाव और उपचार में काम आता है। इसमें मुख्य रूप से पाचन में सुधार, वेट लॉस, एंटी एजिंग, कब्ज से राहत, डायबिटीज कंट्रोल, ट्यूबरक्लोसिस में फायदेमंद जैसे लाभ शामिल है। इसके अलावा क्रोनिक कफ, एनल फिशर, बवासीर जैसी लगभग सैकड़ों बीमारियों में इसका सेवन फायदेमंद होता है। हरीतकी चूर्ण का सेवन गर्म पानी, शहद या छांछ के साथ मिलाकर किया जाता है।

​आंवला

आंवला एक खट्टा फल है जिसका इस्तेमाल आयुर्वेद में कई बीमारी के उपचार और बचाव के लिए किया जाता है। आंवला को मुख्य रूप से बालों और त्वचा से जुड़ी समस्याओं में इस्तेमाल के लिए जाता है। इसके अलावा इसका सेवन मुंह के अल्सर, कब्ज, मोटापा, डायबिटीज, हार्ट डिजीज जैसी कई बीमारियों में फायदेमंद होता है। इसका सेवन चूर्ण या जूस के रूप में कर सकते हैं।

​अश्वगंधा

अश्वगंधा को ‘आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का राजा’ माना जाता है। आयुर्वेद के आचार्य अश्वगंधा को लगभग 3,000 से अधिक वर्षों से कई तरह के शरीरिक और मानसिक बीमारियों के उपचार के लिए इस्तेमाल करते आ रहें हैं।

​तुलसी

तुलसी का एक पौधा है। जिसे धार्मिक मान्यताओं के वजह से लंब समय से पूजा किया जाता रहा है। वहीं, आयुर्वेद में तुलसी के पौधे को कई तरह की बीमारियों से बचाव और उपचार के लिए इस्तेमाल किया जाता है। तुलसी की पत्तियां शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करती है। इसके अलावा तुलसी सर्दी-जुकाम, साइनोसाइटिस, राइनाइटिस, स्किन डिजीज, डिप्रेशन, किडनी स्टोन और लंग्स कैंसर से बचाव में फायदेमंद होता है।

​एलोवेरा

एलोवेरा को आयुर्वेद की भाषा में घृतकुमारी कहा जाता है। यह त्वचा और बालों को सेहतमंद रखने के अलावा लीवर से जुड़ी समस्याओं में भी फायदेमंद होता है। इसके साथ ही एलोवेरा का सेवन मुंह से दुर्गंध, गालब्लेडर स्टोन, कब्ज, हाई ब्लड शुगर जैसी कई तरह की बीमारियों में लाभकारी साबित हो सकता है।

अदरक

आयुर्वेद एक्सपर्ट बताते हैं कि छोटे से अदरक के टुकड़े को भोजन से पहले नमक के साथ खाने से पाचन संबंधी समस्याएं जैसे कब्ज, गैस, एसिडिटी नहीं होता है। इसके अलावा बवासीर, फिशर, वेट लॉस, ऑस्टियोआर्थराइटिस, डायबिटीज, पीरियड्स क्रैंप, हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी बिमारियों में अदरक का सेवन कारगर साबित होता है।

सहजन

सहजन एक पेड़ है जिसके हर एक भाग में औषधीय गुण मौजूद है। आयुर्वेद में सहजन को लगभग 300 बीमारियों के उपचार के लिए इस्तेमाल किया जाता है

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।


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