नई दिल्लीः विपक्षी नेता एलेक्सेई नवलनी (Alexei Navalny) को लेकर हाल ही में उनकी टीम ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें इस बात का खुलाया किया गया है कि नवलनी को किस तरह से जहर दिया गया. नवनली की टीम का दावा है कि उन्हें एयरपोर्ट पर नहीं बल्कि होटल के रूम में जहर दिया गया था.
गौरतलब है कि पहले कहा गया था कि नवलनी को एयरपोर्ट पर जहर दिया गया था. दरअसल, नवलनी टॉम्स्क (Tomsk) की साईबेरियन सिटी के एक होटल में ठहरे थे. जहां पर उन्हें Nerve Agent यानी एक तरह का जहर परोसा गया था.
वीडियो में बताया गया है कि जिस होटल में नवलनी रुके हुए थे वहां पर एक खाली बोतल थी. इस वीडियो में टीम ने रिवील किया है कि नवलनी जिस होटल में रुके थे वहां उन्हें पानी की बोतल में जहर मिलाकर दिया गया था. इस बोतल को नवलीन की टीम ने होटल से कलेक्ट किया था. वीडियो में बताया गया है कि जैसे ही नवलनी की टीम को पता चला कि उनके लीडर की तबियत खराब हो गई है तो एक घंटे बाद वे लोग तुरंत होटल रूम पहुंचे, जहां पर उन्हें 2 खाली बोतलें मिली.
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नवलनी की टीम द्वारा शेयर किया गया यह वीडियो 20 अगस्त 2020 का है जिसमें वे लोग होटल रूम से कई सारी चीजों को कलेक्ट करते दिख रहे हैं. इन चीजों में 2 खाली बोतलें भी मिलीं जिन्हें बाद में जांच के लिए भेजा गया था. इन्हीं के जरिए पता चला कि उन्हें जहर दिया गया था. इसके बाद रूस के विपक्षी नेता अलेक्सेई नवालनी कोमा में चले गए थे.
गौरतलब है कि इससे पहले जर्मनी की सैन्य प्रयोगशाला ने भी नवलनी को नोविचोक (Novichok) यानी एक तरह का जहर दिए जाने की पुष्टि की थी. इसके बाद फ्रांस और स्वीडन की प्रयोगशालाओं ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि रूस के विपक्षी नेता एलेक्सेई नवलनी को सोवियत कालीन नर्व एजेंट नोविचोक दिया गया है. बताया जा रहा है कि यह घातक जहर कुछ क्षणों में ही व्यक्ति के नर्वस सिस्टम को बेकार कर देता है. जैसे ही यह जहर किसी व्यक्ति के शरीर में पहुंचता तो सीधा वह अचेत अवस्था में पहुंच जाता है और बाद में उसकी मौत हो जाती है.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) के विरोधी नेता एलेक्सी नवलनी (Alexei Navalny) 20 अगस्त को साइबेरिया से मॉस्को लौटते वक्त विमान में बीमार हो गए थे. इसके बाद विमान की आपात लैंडिंग कराई गई और उन्हें ओमस्क शहर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहर दिए जाने के बीच ही उन्हें उसी हालत में इलाज के लिए जर्मनी लाया गया. जहां की प्रयोगशाला में उन्हें जहर दिए जाने की बात सामने आई है. लिहाजा अब उनकी सेहत में सुधार की खबर है.