Naxal Terror: अपने नेताओं के इनकाउंटर का बदला ले रहे नक्सली, 9 महीने में 4 ग्रामीणों को मौत के घाट उतारा

पुलिस मुठभेड़ में मारे गए नेताओं का बदला लेने के लिए मुखबिरों को निशाना बना रहे नक्सली. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पुलिस मुठभेड़ में मारे गए नेताओं का बदला लेने के लिए मुखबिरों को निशाना बना रहे नक्सली. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Naxal Terror in Chhattisgarh: साल 2019 और 2020 में नक्सलियों के दो बड़े नेताओं के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने से बौखलाए नक्सल संगठन. पुलिस की मुखबिरी करने वालों की लगातार हत्या से सतर्क हुए सुरक्षाबल.

रायपुर. छत्तीसगढ़ में माओवादी लगातार अपनी रणनीति बदलते रहते हैं. कभी पुलिस पर हमला तो कभी ग्रामीणों की हत्या करने से नहीं चूकते. धमतरी में नक्सलियों ने बीते 9 महीने में चार युवकों की हत्या कर दी है. ये सभी हत्याएं पुलिस के लिए मुखबिरी का आरोप लगा कर की गई हैं. नक्सली हर हत्या के बाद लाश के पास पर्चा जरूर छोड़ते हैं, जिसमें वह बदले की बात का जिक्र करते हैं. गौरतलब है कि ये सभी हत्याएं उन मुठभेड़ों के जवाब को लेकर की जा रही हैं, जिसमें पुलिस ने नक्सलियों के कई बड़े नेताओं को मार गिराया था.

पिछले साल जून में नगरी के बोड़रा निवासी गेदलाल यादव को मार दिया गया. 20 नवंबर 2020 कोखल्लारी के करही निवासी सरपंच पति नीरेश कुंजाम को मौत के घाट उतार दिया गया. 15 फरवरी 2021 को नगरी के घोरागांव निवासी अमरदीप मरकाम को तो 10 मार्च 2021 को नगरी थाना के गादुल बाहरा निवासी प्रहलाद नेताम को घर से उठाकर ले जाने के बाद मार डाला गया. नक्सलियों की इस हरकत को देखते हुए पुलिस सतर्क हो गई है. वरिष्ठ अधिकारियों ने जवानों को अकेले बाजार या भीड़-भाड़ वाली जगहों पर न जाने का निर्देश दिया है.

लगातार मर्डर से फिर बढ़ा खौफ

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