पुलिस मुठभेड़ में मारे गए नेताओं का बदला लेने के लिए मुखबिरों को निशाना बना रहे नक्सली. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Naxal Terror in Chhattisgarh: साल 2019 और 2020 में नक्सलियों के दो बड़े नेताओं के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने से बौखलाए नक्सल संगठन. पुलिस की मुखबिरी करने वालों की लगातार हत्या से सतर्क हुए सुरक्षाबल.
पिछले साल जून में नगरी के बोड़रा निवासी गेदलाल यादव को मार दिया गया. 20 नवंबर 2020 कोखल्लारी के करही निवासी सरपंच पति नीरेश कुंजाम को मौत के घाट उतार दिया गया. 15 फरवरी 2021 को नगरी के घोरागांव निवासी अमरदीप मरकाम को तो 10 मार्च 2021 को नगरी थाना के गादुल बाहरा निवासी प्रहलाद नेताम को घर से उठाकर ले जाने के बाद मार डाला गया. नक्सलियों की इस हरकत को देखते हुए पुलिस सतर्क हो गई है. वरिष्ठ अधिकारियों ने जवानों को अकेले बाजार या भीड़-भाड़ वाली जगहों पर न जाने का निर्देश दिया है.
लगातार मर्डर से फिर बढ़ा खौफ
प्रदेश के विभिन्न इलाकों में लगातार हत्याओं के कारण एक बार फिर से माओवादियों का खौफ बढ़ गया है. खास तौर पर दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग डरे हुए हैं. गांवों में दिन ढलते ही सन्नाटा पसर जाता है. इन गांवों में लोग पुलिस से संपर्क रखना तो दूर, आम अनजान लोगो से भी बात करने से कतराने लगे हैं. इस डर में कि कहीं किसी से बात करने के कारण ही उनको अपनी जान से हाथ न धोना पड़ जाए.
लगातार मर्डर से फिर बढ़ा खौफ

