राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर रहे 9 प्राथमिक शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जिला कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच में सामने आया कि इन शिक्षकों ने वर्ष 2007 से 2013 के बीच कथित तौर पर फर्जी मार्कशीट और कूटरचित शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर नियुक्ति प्राप्त की थी।जिला शिक्षा अधिकारी सावन पाटीदार ने बताया कि प्राप्त शिकायतों के बाद शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल और कर्नाटक स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी (KSOU), मैसूर से कराया गया। जांच समिति ने 3 जुलाई 2026 को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद सभी संबंधित शिक्षकों को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया, लेकिन वे दस्तावेजों की प्रामाणिकता साबित नहीं कर सके।जांच के आधार पर रमेशचंद्र यादव, पवन शर्मा, सुनील कुमार प्रजापति, हेमंत शर्मा, सावित्री दांगी, बने सिंह लववंशी, भारत सिंह यादव, हरिप्रसाद लववंशी और हिम्मत सिंह मीना की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं।साथ ही जांच समिति की अनुशंसा पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की प्रासंगिक धाराओं के तहत आपराधिक कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक राजगढ़ को विस्तृत पत्र भेजकर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बाइट: सावन पाटीदार, जिला शिक्षा अधिकारी, राजगढ़।