
बिहार में रविवार को कोरोना के 68 नए मामले सामने आए.
पटना:
बिहार में रविवार को कोरोना के 68 नए मामले सामने आए. राज्य में एक दिन में ये अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है. लेकिन राज्य में अब तक जो 653 लोग कोरोना के पॉजिटिव पाए गए हैं, उनमें 354 लोग ठीक होकर घर भी जा चुके हैं. लेकिन जहां एक ओर राज्य में घर लौटे प्रवासी श्रमिक सबसे ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार ने सफाई दी है कि कोरोना की जांच की गति धीमी नहीं की गई है.
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दरअसल इस महीने की एक तारीख को राज्य में 24,118 लोगों की जांच हुई थी. वही अगले दिन ये संख्या 25, 724 थी. इसका मतलब 1606 लोगों की जांच एक दिन में हुई. वहीं तीन मई को ये संख्या 26921 पहुंची. इसका मतलब 1197 लोगों की जांच एक दिन में हुई. इसके बाद अगले दिन चार मई को को ये नंबर 28,345 था, जो इस बात की पुष्टि करता है कि कुल 1424 लोगों की जांच हुई.
#BiharFightsCorona testing statistics as of 10 am on 10/5/2020. 629 positive covid cases till date.the revised testing strategy,in view of migrants,is underway and has picked up.we share your concern.we have more than 2000 samples to be tested for today. pic.twitter.com/W93rjgQfw7
— sanjay kumar (@sanjayjavin) May 10, 2020
इसके बाद पांच मई को ये आंकड़ा 28791 पहुंचा, जो साबित करता है कि मात्र 446 लोगों की जांच हुई. अगले दिन भी मात्र 537 लोगों की जांच हुई और ये संख्या 29328 तक पहुंची. सात मई को ये संख्या 29841 थी, जिसका अर्थ साफ था कि मात्र 513 लोगों की जांच हुई और आठ मई को मात्र 471 लोगों की जांच हुई.
लेकिन 9 अप्रैल को ये संख्या 31552 पहुंच गई. जिससे एक बार फिर कुल जांच की संख्या 1332 हो गई और रविवार को आये डेटा के अनुसार कुल 32670 जांच हुई, जिसमें नये जांच की संख्या 1118 रही. इस उतार-चढ़ाव के बाद निश्चित रूप से राज्य सरकार पर टेस्टिंग कम कराने के स्टॉम्प लगने लगे. इसके बाद रविवार को राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने ट्वीट कर सफ़ाई दी.

