लंदन: अमेरिका में पुलिस हिरासत में मरे एक अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के विरोध में उठी प्रदर्शन की लपटें कई देशों तक पहुंच रही हैं. इसी के चलते ब्रिटेन में पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल की प्रतिमा (Winston Churchill) पर प्रदर्शनकारियों के हमले का खतरा था. इस पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) ने शुक्रवार को कहा कि यह “बेतुका और शर्मनाक” था. प्रदर्शनकारियों में से कुछ ने मूर्ति पर “जातिवादी था” शब्द भी लिख दिए थे.
इस मामले में ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ट्विटर पर लिखा, “यह बेतुका और शर्मनाक है कि इस राष्ट्रीय स्मारक पर आज हिंसक प्रदर्शनकारियों द्वारा हमले का खतरा है.”
उन्होंने आगे लिखा, “हां, उन्होंने कभी-कभी जो राय व्यक्त की थी वो आज हमारे लिए अस्वीकार्य हैं, लेकिन वह एक नायक थे, और वह पूरी तरह से इस स्मारक के हकदार थे. आज हम अपने अतीत को संपादित या सेंसर करने की कोशिश नहीं कर सकते. हम एक अलग इतिहास का नाटक नहीं कर सकते.” साथ ही उन्होंने लोगों से इस सप्ताहांत में विरोध प्रदर्शन करने से बचने के लिए भी कहा, जिसकी उन्होंने योजना बनाई है.
The statue of Winston Churchill in Parliament Square is a permanent reminder of his achievement in saving this country – and the whole of Europe – from a fascist and racist tyranny. 1/8
— Boris Johnson #StayAlert (@BorisJohnson) June 12, 2020
इस बीच लंदन में अधिकारियों ने नस्लवाद विरोधी और दूर-दराज के प्रदर्शनकारियों के यहां पहुंचने की आशंका को देखते हुए मोर्चा संभाल लिया है.
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संसद के बाहर चर्चिल की प्रतिमा के चारों ओर एक सुरक्षात्मक प्लाईवुड स्क्रीन लगाई गई है.
बता दें कि मिनियापोलिस के एक पुलिस अधिकारी के हाथों जॉर्ज फ्लॉयड (George Floyd) की मौत के बाद स्मारक विवाद का प्रमुख केंद्र बन गए हैं. देशभर में कई अन्य प्रतिमाओं को खंडित किया गया है. इससे पहले, गुलाम व्यापारी एडवर्ड कॉलस्टन की एक प्रतिमा को रविवार को ब्रिस्टल में निशाना बनाया गया था.

