Osteoporosis symptoms: बीमारी जिसमें खांसने-झुकने से टूट जाती है हड्डी, बचाव के लिए लक्षण समेत ये 5 बातें जान लें – world osteoporosis day 2022 know causes symptoms treatment of weak and fragile bones

20 अक्टूबर को हर साल दुनियाभर में विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस (World Osteoporosis Day 2022 ) मनाया जाता है। इसका मकसद ऑस्टियोपोरोसिस के बारे में जागरूकता फैलाना है। इस दिन ऑस्टियोपोरोसिस के शुरुआती निदान, उपचार और मजबूत हड्डियों के लिए जरूरी उपायों को अपनाने के लिए कई कैंपेन भी चलाए जाते हैं। ऐसे में हम आज ऑस्टियोपोरोसिस से जुड़ी जरूरी जानकारियों को आप तक पहुंचा रहें हैं।

ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों से संबंधित एक गंभीर बीमारी है, जिसका समय पर उपचार न किया जाए तो यह आपको जीवनभर के लिए विकलांग कर सकती है। यह बीमारी ज्यादातर आपकी रीढ़ की हड्डी और कुल्हों की हड्डियों को प्रभावित करती है। कई मामलों में यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।

रिसर्च गेट में प्रकाशित एक रिपोर्ट की माने तो सिर्फ भारत में ही 18-59 उम्र के हर 5 में से 1 व्यक्ति ऑस्टियोपोरोसिस से ग्रसित है। ऑस्टियोपोरोसिस के मरीजों में सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं की है।

​ऑस्टियोपोरोसिस से क्या होता है?

ऑस्टियोपोरोसिस होने पर आपकी शरीर की हड्डियां कमजोर और नाजुक हो जाती है। जिसके वजह से सामान्य शारीरिरक क्रिया जैसे खांसना, छिंकना या झुकने तक से हड्डियां टूटने लगती है।

​ऑस्टियोपोरोसिस क्यों होता है?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, शरीर में नयी हड्डियों का बनना और पुरानी हड्डियों को टूटना आम प्रक्रिया है। लेकिन 20 के दशक की शुरुआत के बाद यह प्रक्रिया धीमी हो जाती है, और ज्यादातर लोग 30 साल की उम्र तक बोन मास के उच्चतम स्तर तक पहुंच जाते हैं। आपको ऑस्टियोपोरोसिस होने की कितनी संभावना है, यह आंशिक रूप से इस बात पर निर्भर करता है कि आपने अपनी युवावस्था में कितना बोन मास प्राप्त किया है। यह जितना अधिक होगा उतनी ही ऑस्टियोपोरोसिस होने की संभावना कम होगी।

​किन्हें होता है ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा?

ऑस्टियोपोरोसिस किसी भी व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन मेनोपॉज के बाद इसका खतरा सबसे ज्यादा महिलाओं में होता है। वहीं, पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का कम स्तर ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम बढ़ा देता है। इसके अलावा, शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी, कुछ तरह की मेडिसिन, खराब लाइफस्टाइल, सिगरेट और शराब का अत्यधिक सेवन जैसे कारक ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को बढ़ाने का काम करते हैं।

​ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, ऑस्टियोपोरोसिस के कोई लक्षण नहीं होते हैं। इसलिए इसे कभी-कभी साइलेंट डिजीज भी कहा जाता है। लेकिन, यदि आपको यहां बताए गए एक भी लक्षण दिखें तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

  • ऊंचाई का कम होना
  • पोश्चर में बदलाव
  • सांस की तकलीफ
  • हड्डी टूटना
  • पीठ के निचले हिस्से में दर्द

​ऑस्टियोपोरोसिस कैसे ठीक होता है?

ऑस्टियोपोरोसिस को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है। हां, इसे जोखिम को कम करने के लिए डॉक्टर आपको नियमित व्यायाम, विटामिन और सप्लीमेंट्स समेत कुछ दवाओं को लेने की सलाह दे सकते हैं।

​ऑस्टियोपोरोसिस से कैसे करें बचाव

जैसा की आप जान ही गए हैं कि ऑस्टियोपोरोसिस का रोग है। जो बोन मास कम होने की स्थिति में शरीर की हड्डियों को कमोजर और नाजुक बनाता है। ऐसे में इससे बचाव के लिए उन सभी खाद्य पदार्थों का सेवन करें जो कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर हो। यह हड्डियों को मजबूत बनाने का काम करती है। साथ ही नियमित व्यायाम करें।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।


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