कोरोना वायरस (Corona Virus) के संक्रमण (Covid-19) के खतरे से बचने के लिए लागू लॉकडाउन (Lockdown) में 24 मार्च से छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में शराब की दुकानें बंद थीं.
बालोद. कोरोना वायरस (Corona Virus) के संक्रमण (Covid-19) के खतरे से बचने के लिए लागू लॉकडाउन (Lockdown) में 24 मार्च से छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में शराब की दुकानें बंद थीं. लॉकडाउन के फेज-3 में सरकार ने शराब बेचने का निर्णय लिया और 4 मई को प्रदेशभर की दुकानें खोल दी गईं. 40 दिन बाद खुली शराब की दुकानों पर मदिरा प्रेमियों का हुजूम उमड़ पड़ा. ज्यादातर दुकानों में पहले दिन व्यवस्था टोटल खराब रही. सोशल डिस्टेसिंग व लॉकडाउन के नियमों की जमककर धज्जियां उड़ाई गईं. हालांकि इन सबके बीच सरकार की खूब कमाई हुई.
4 मई को बालोद जिले के 10 देशी और 9 अंग्रेजी शराब दुकानों में सुबह से ही भीड़ देखी जा रही थी. बालोद जिले में सुबह 8 से शाम 4 बजे तक शराब की दुकानें खोलने की अनुमति दी गई है. जिला प्रशासन द्वारा मिले एक आंकड़े के मुताबिक लॉकडाउन के बाद खुली शराब की दुकानों में पहले दिन में 1 करोड़ 28 लाख रुपये की शराब सरकार ने बेची. शराब दुकानों में व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस व प्रशासन की टीम तैनात थी, लेकिन ज्यादातर दुकानों में लोगों की भीड़ ने व्यवस्था को ताक पर रखा और लॉकडाउन के नियमों का खुला उल्लंघन किया.
शराब की कीमतों में भी वृद्धि
इस बार सरकार ने शराब की कीमतों में 30 से 32 फीसदी की वृद्धि की है. जहां पहले प्लेन का क्वार्टर जो 60 रुपये में मिलता था, उसे 80 रुपये, मसाला का क्वार्टर 70 से 90 और गोवा का क्वार्टर 80 से 100 रुपये हो चुका है. बाकि जिलों में भी 4 मई को शराब की खूब बिक्री हुई है. मिली जानकारी के मुताबिक दुर्ग जिले में एक दिन में ही साढ़े 3 करोड़ रुपये से अधिक की शराब बेची गई. रायपुर, बिलासपुर समेत अन्य जिलों में भी बड़े पैमाने पर शराब की बिक्री हुई है. बिलासपुर विधायक ने शराब दुकानों में लगी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मुख्य सचिव से फोन पर चर्चा भी की.ये भी पढ़ें:
दिल्ली-एनसीआर में लॉकडाउन की वजह से शराब की तस्करी के लिए अपराधी किस्म के व्यक्ति अजीबोगरीब उपाय आजमा रहे हैं. साऊथ दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी थाने की पुलिस ने दिल्ली शराब की तस्करी करने वाले एक ऐसे ड्राइवर को गिरफ्तार किया है जो कि दिल्ली सरकार के मंत्री के ओएसडी की कार में हरियाणा से शराब लाता था और उसे दिल्ली में सप्लाई करता था.
ये कार दिल्ली सरकार के एक मंत्री के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) की है. कार का ड्राइवर सरकारी आदमी होने का रौब दिखाकर हरियाणा से दिल्ली में शराब लाता और लोगों को सप्लाई करता था. पकड़ा गया शख्स कार का अस्थायी ड्राइवर है.
फिलहाल दिल्ली पुलिस ने कार के ड्राइवर समेत एक और व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है और सरकारी गाड़ी एम्बेसडर को जब्त कर एक्साइज एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज कर दिया है.
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इस एम्बेसडर कार पर दिल्ली सचिवालय का स्टीकर चिपका हुआ है और दिल्ली सरकार भी लिखा हुआ है. इसी का फायदा ये शख्स उठा रहा था. 2 दिन पहले डिफेंस कॉलोनी थाने के एक कॉन्स्टेबल ने जांच के दौरान कार में सवार दो लोगों को देखा तो इनकी बातों से कॉन्स्टेबल को कुछ शक हुआ.
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कॉन्स्टेबल ने जब कार की सीट के नीचे देखा तो उसमें 16 देसी शराब की बोतल मिलीं. इसके बाद डिफेंस कॉलोनी थाने की पुलिस ने एक्साइज एक्ट में मुकदमा दर्ज कर कार के ड्राइवर दीपक राणा और उसमें सवार एक और शख्स कैलाश चंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. कार को भी जब्त कर लिया गया है.
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स्वाति मालिवाल ने ग्रुप से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी की मांग की है (प्रतीकात्मक तस्वीर)
नई दिल्ली:
सोशल मीडिया पर एक ग्रुप इन दिनों चर्चा और चिंता का विषय बना हुआ है. जहां दिल्ली के स्कूलों के कुछ लड़के, ग्रुप में लड़कियों की फोटो डालकर गैंगरेप करने की बात करते हुए नजर आए. यह ग्रुप इंस्टाग्राम पर बनाया गया था, हालांकि यह ग्रुप फिलहाल डिएक्टिवेट कर दिया गया है लेकिन दिल्ली पुलिस इसके तार खंगालने में जुटी हुई है. दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने इस मामले को लेकर फेसबुक कंपनी से इस इंस्टाग्राम ग्रुप से जुड़ी जानकारियां मांगी हैं. दरअसल यह मामला रविवार को लोगों के सामने तब आया, जब ट्विटर पर कई यूजर्स ने इस इंस्टाग्राम ग्रुप की चैट के स्क्रीन शॉट शेयर किए. इस ग्रुप का नाम बॉयज लॉकर रूम Bois Locker Room है.
जानकारी के मुताबिक इस ग्रुप में दिल्ली के बड़े स्कूलों के 11वीं और 12वीं के छात्र हैं. जोकि लड़कियों की तस्वीरें बिना उनकी जानकारी के न सिर्फ साझा करते थे बल्कि उन पर अश्लील टिप्पणी भी करते थे. कई चैट्स में देखा गया है कि छात्र बड़े सामान्य तरीकों से बलात्कार और यौन शोषण जैसी बाते करते हैं. वो अपने ही क्लास की लड़कियों के गैंगरेप की बातें करते हुए भी नजर आ रहे हैं.
जब सोशल मीडिया के जरिए मामला लोगों के संज्ञान में आया तो #boyslockerroom ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा. लोग इस ग्रुप के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे. जिसके बाद दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल ने भी हस्तक्षेप किया और ग्रुप से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी की मांग की है. दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस और इंस्टाग्राम को नोटिस भेजकर आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़कर सख्त कदम उठाने की अपील की है.
why are “boys locker room” chats so normalised? how is it okay to comment cheaply on a girl’s physical appearance? this should not be normalised. an incident took place today which makes me feel unsafe as a woman. i stand against it, action should be taken.
It all narrows down to the fact that they feel they can easily fet away with this, and that’s why don’t think twice before doing such stuff. “Remove your dp, change your username & bio” “Report her stories” “Give her rape threats”. (1/4) #boyslockerroom
And if they don’t face social sanctions for their actions, they’ll just get deeper into the toxic male solidarity that protects perverts and carry it to college hostels and workplaces.
मुंबई पुलिस, जोकि सोशल मीडिया पर अपने खास अंदाज के लिए जानी जाती है. ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है औक कार्रवाई की बात की है.
They are mature enough to sexualize young girls.
And if they don’t face social sanctions for their actions, they’ll just get deeper into the toxic male solidarity that protects perverts and carry it to college hostels and workplaces.
सोशल मीडिया के कुछ यूजर्स के मुताबिक Bois Locker Room के कुछ मेंबर्स ने उन लड़कियों को अश्लील तस्वीरें वायरल करने की धमकी भी दी है जिन्होंने इस ग्रुप के खिलाफ शिकायत की थी. और इस मामले का बाद इन्होंने एक नया ग्रुप भी बना लिया है.
जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने विभाग की समीक्षा बैठक ली
30 जून तक पूर्ण होने वाली परियोजना को प्राथमिकता दें – मंत्री श्री सिलावट
भोपाल : सोमवार, मई 4, 2020, 20:50 IST
जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने आज विभाग की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि 30 जून तक पूर्ण होने वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता दें और इसमें किसी भी प्रकार की बजट की कमी ना होने दें बजट की कमी के कारण कोई भी परियोजना रुकना नहीं चाहिए ,सभी परियोजनाओं को बजट आवंटित कर परिजनों को समय-सीमा में पूर्ण कराएं|
मंत्री श्री सिलावट आज वल्लभ भवन के कक्ष क्रमांक 105 में विभाग की समीक्षा कर रहे थे अपनी पहली समीक्षा बैठक में सिलावट ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सिंचाई परियोजनाएं से किसानों का भविष्य और प्रदेश की उन्नति का रास्ता निकलता है इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की जाए सभी कार्य समय सीमा में पूर्ण हो इसके साथ ही विगत वित्तीय वर्ष में पूर्ण हुई परियोजना की जानकारी भी प्राप्त की। श्री सिलावट ने कहा कि विभाग में जो अधिकारी 3 साल से अधिक समय तक एक ही जगह पर जमे हुए हैं उनके संबंध में भी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
प्रदेश में चल रही सिंचाई परियोजना की समीक्षा करते हुए सिलावट ने कहा कि सभी परियोजना अंकेक्षण किया जाए ,कार्य की गुणवत्ता और समय सीमा में पूर्ण किया जाए। अन्यथा सम्बन्धित अधिकारी और ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में जितने भी डैम उनकी मजबूती के परीक्षण कराया जाए। उन सब का ऑडिट कराया जाए। बरसात आने के पहले ही सभी बड़े तालाब और बांध के रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाए। आगामी दिनों में सिंचाई परियोजना जल्द से जल्द पूरे किए जाएं।
ग्रीन जोन में जो भी परियोजना का निर्माण चालू है उनमें काम शुरू कराया जाए इसके साथ ही रोजगार उन्मुखी कार्य भी कराए जाते रहे बैठक में विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे बैठक में जलसंसाधन के ईएनसी श्री डावर और अन्य अधिकरी उपस्थित रहे।
कई दिनों बाद सोमवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लिए राहत भरी खबर आई. खबर ये है कि सोमवार को लखनऊ में कोरोना का कोई पॉजिटिव केस नहीं मिला. जिस वक्त पूरा देश कोरोना महामारी से त्रस्त है और अलग-अलग राज्यों से मरीजों और मृतकों की खबरें आ रही हैं, ऐसे में लखनऊ में कोरोना का कोई केस नहीं मिलना वाकई राहत भरी खबर है.
दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में कोरोना का ‘हॉटबेड’ बना आगरा सोमवार को भी इसमें अव्वल रहा. यहां कोरोना के मरीजों के ग्राफ में लगातार बढ़ोत्तरी देखी जा रही है. सोमवार सुबह 16 नए मामले आने पर यहां मरीजों का आंकड़ा 612 पर पहुंच गया जबकि शाम होते-होते इसमें 09 मरीजों का और इजाफा हो गया और कुल तादाद 621 पर पहुंच गई.
बता दें, यहां अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 208 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं. यहां के 41 हॉटस्पॉट पूरी तरह सील हैं जहां लोगों की गतिविधियों पर पूर्ण पाबंदी है.
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लखनऊ की बात की जाए तो सोमवार को यहां कोई नया मामला सामने नहीं आया. अब तक लखनऊ में 237 मरीज हैं जबकि 82 को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है और वे ठीक होकर घर जा चुके हैं. 154 लोग ऐसे हैं जिनका अस्पतालों में कोरोना का इलाज चल रहा है. लखनऊ में कुल 13 कंटेनमेंट जोन हैं जहां लोगों के लिए कई प्रकार की पाबंदियां लगी हैं.
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पूरे उत्तर प्रदेश में कोरोना से अब तक 50 लोगों की मौत हुई है. इनमें आगरा का स्थान अव्वल है जहां 14 लोगों की मौत हुई है. दूसरे स्थान पर मेरठ और मुरादाबाद है जहां अब तक 7-7 लोगों की मौत हुई है. 5 मौतों के साथ कानपुर तीसरे स्थान पर है.
उत्तर प्रदेश में अब तक 802 लोग कोरोना की बीमारी से ठीक हुए हैं जिन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है. जिलावार आंकड़ा देखें तो आगरा में सबसे ज्यादा 628 मरीज मिले हैं. उसके बाद कानपुर में 266, लखनऊ में 226, सहारनपुर में 205 और नोएडा में 180 कोरोना संक्रमित मरीज हैं. पूरे प्रदेश में अब तक कोरोना के 1914 एक्टिव केस हैं. इसकी जानकारी यूपी सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने दी है.
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झारखंड में अब कुल संक्रमितों की संख्या 115 ही बनी हुई है
रांची:
झारखंड में सोमवार को लगातार दूसरे दिन कोई भी कोरोना वायरस संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया जबकि संक्रमित लोगों में से दो लोग स्वस्थ घोषित किये गए. राज्य में अब कुल संक्रमितों की संख्या 115 ही बनी हुई है जबकि विभिन्न अस्पतालों में 85 लोगों का इलाज चल रहा है. आधिकारिक प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि रविवार के बाद सोमवार को भी राज्य में कोई नया कोरोना वाायरस संक्रमित रोगी नहीं मिला है जिससे राज्य में अब तक कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 115 ही बनी हुई है. इसके विपरीत संक्रमित लोगों में से आज भी दो लोग स्वस्थ हो गये जिसे मिलाकर अब तक राज्य में कुल 27 लोग स्वस्थ हो चुके हैं.
बता दें कि देश में जारी लॉकडाउन (COVID-19 Lockdown) के बावजूद संक्रमितों का आंकड़ा 43 हजार के करीब पहुंच गया है. सोमवार शाम को स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या 42836 हो गई है. पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2573 नए मामले सामने आए हैं और इस दौरान 83 लोगों की मौत हुई है.
वहीं, देश में कोरोना से अब तक 1389 लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि राहत की बात यह है कि 11762 मरीज इस बीमारी को हराने में कामयाब भी हुए हैं. बता दें कि देश में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए लॉकडाउन को 17 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है.
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रेल परिवहन के माध्यम से श्रमिकों को लाने के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश
अन्य प्रदेशों में फंसे मध्यप्रदेश के श्रमिकों को लगने वाले रेल किराए को शासन द्वारा वहन किया जाएगा : जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट
भोपाल : सोमवार, मई 4, 2020, 20:55 IST
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा के बाद जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मध्य प्रदेश में दूसरे प्रदेशों से लाए गए प्रवासी मजदूरों को रेल सेवा के माध्यम से प्रदेश में लाया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इनमें प्रथम चरण में 31 रेलगाड़ियों से विभिन्न राज्यो में फसे श्रमिकों को महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, गोवा और दिल्ली से रेल परिवहन द्वारा भोपाल, जबलपुर, रतलाम और कटनी जिले में लाया जाकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में रहने वाले श्रमिकों को बस के माध्यम से समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही इन सभी श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण उपरांत ही ट्रेन में प्रवेश दिया जाएगा।
इसके साथ ही राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि अन्य प्रदेशों में फंसे मध्यप्रदेश के श्रमिकों को श्रमिक स्पेशल ट्रेन से लाने में लगने वाले रेल किराया का वहन भी मप्र शासन द्वारा किया जाएगा।
महाराष्ट्र से प्रथम चरण में 22 रेल परिवहन द्वारा 27000 श्रमिकों को लाया जाएगा। साथ ही विभिन्न रुटो के माध्यम से श्रमिकों को प्रदेश में लाने की कवायद की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान के साहसी निर्णय और प्रयासों से आज दिनांक तक गुजरात से 17000, राजस्थान से 32000, हरियाणा से 1350, उत्तर प्रदेश से 2000 बसों से और नासिक से 347 लोगों को विशेष ट्रेन के माध्यम से प्रदेश में लाया जा चुका है। इस प्रकार अब तक 59,000 श्रमिकों को रेल परिवहन के माध्यम से लाया गया है।
अपर मुख्य सचिव, प्रभारी स्टेट कंट्रोल रूम, श्री आईसीपी केशरी ने जारी आदेश में कहा है स्टेट को-ऑर्डिनेटर इस निर्णय के क्रियान्वयन को अपने प्रभार के राज्यों के नोडल अधिकारी और रेलवे से समन्वय कर समुचित व्यवस्थाएं करेंगे।
कोरोना पर केंद्र सरकार को लगातार घेर रहे राहुल गांधी
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी कोरोना वायरस के कहर और इस वायरस की वजह से देश में लगे लॉकडाउन की वजह से हुए आर्थिक नुकसान को लेकर आज मंगलवार सुबह 9 बजे नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी से बातचीत करेंगे. इससे पहले राहुल गांधी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन से भी बातचीत कर चुके हैं.
कोरोना वायरस और लॉकडाउन को लेकर राहुल गांधी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर लगातार हमलावर हैं और सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं.
Tomorrow at 9 AM, tune in to watch my conversation with Nobel Laureate, Abhijit Banerjee on dealing with the economic fall out of the #COVID19 crisis.
To join the conversation & for regular video updates, subscribe to my YouTube channel: https://t.co/4WBysSnKTg
अब इसी कड़ी में राहुल गांधी आज मंगलवार को नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी से कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन से आर्थिक नुकसान और सरकार की नीतियों पर चर्चा कर सकते हैं.
Sh. @RahulGandhi in conversation with Nobel Laureate, Prof. Abhijit Banerjee discussing the critical issues of COVID-19 & its economic impact.
Please tune in tomorrow at 9 AM to watch this inspiring conversation aimed at providing the way ahead. pic.twitter.com/cNwZ4vY9By
इससे पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पिछले दिनों इन्हीं चुनौतियों को लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन से भी चर्चा की थी. इस चर्चा में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर बड़े सवाल खड़े किए थे.
केंद्र को दिग्गजों का सुझाव
देश में लॉकडाउन की वजह से 24 मार्च से सब कुछ बंद है, जिससे हर रोज बड़ा नुकसान हो रहा है. हालांकि लॉकडाउन के तीसरे चरण में कुछ ढील के साथ शुरुआत की गई है. भारत में पहले से ही अर्थव्यवस्था और नौकरियों को लेकर चिंताएं हैं. अब कोरोना संकट से और गहरा गया है.
पिछले महीने भारतीय मूल के 3 बड़े अर्थशास्त्री आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन, नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन और नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी ने एक लेख के जरिए केंद्र सरकार को कुछ अहम सुझाव दिए थे.
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कम टेस्टिंग पर सवाल
तब राहुल गांधी ने कोरोना टेस्टिंग को लेकर सवाल किया. इस पर रघुराम राजन ने कहा कि अगर हम अर्थव्यवस्था को खोलना चाहते हैं, तो टेस्टिंग की क्षमता को बढ़ाना होगा. हमें मास टेस्टिंग की ओर जाना होगा. अमेरिका की मिसाल लें. वहां एक दिन में डेढ़ लाख तक टेस्ट हो रहे हैं. लेकिन वहां विशेषज्ञों, खासतौर से संक्रमित रोगों के विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षमता को तीन गुना करने की जरूरत है यानी 5 लाख टेस्ट प्रतिदिन हों तभी आप लॉकडाउन को खोलने के बारे में सोचें.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें…
राजन ने राहुल गांधी से कहा था कि कुछ तो रोज 10 लाख तक टेस्ट करने की बात कर रहे हैं. भारत की आबादी को देखते हुए हमें इसके चार गुना टेस्ट करने चाहिए. अगर आपको अमेरिका के लेवल पर पहुंचना है तो हमें 20 लाख टेस्ट रोज करने होंगे, लेकिन हम अभी सिर्फ 22-30 हजार टेस्ट ही कर पा रहे हैं.
सत्ता के केंद्रीयकरण पर निशाना
राहुल गांधी ने रघुराम राजन से सवाल किया कि क्या सत्ता का केंद्रीकरण हो गया है, जिससे बातचीत लगभग बंद हो गई है. बातचीत और संवाद से कई समस्याओं का समाधान निकलता है. इस पर जवाब देते हुए राजन ने कहा कि विकेंद्रीकरण न सिर्फ स्थानीय सूचनाओं को सामने लाने के लिए जरूरी है बल्कि लोगों को सशक्त बनाने के लिए भी अहम है.
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राजन ने आगे कहा कि पूरी दुनिया में इस समय यह स्थिति है कि फैसले कहीं और किए जा रहे हैं. मेरे पास एक वोट तो है दूरदराज के किसी व्यक्ति को चुनने का. मेरी पंचायत हो सकती है, राज्य सरकार हो सकती है, लेकिन लोगों में यह भावना है कि किसी भी मामले में उनकी आवाज नहीं सुनी जाती.
नौकरियों पर पड़ने वाले असर
राहुल गांधी ने सवाल किया कि कोरोना संक्रमण से नौकरियों पर क्या असर पड़ेगा. इस पर जवाब देते हुए राजन ने कहा कि आंकड़े बहुत ही चिंतित करने वाले हैं. सीएमआईई के आंकड़े देखें तो पता चलता है कि कोरोना संकट के कारण करीब 10 करोड़ और लोग बेरोजगार हो जाएंगे.
उन्होंने आगे कहा कि 5 करोड़ लोगों की तो नौकरी जाएगी, करीब 6 करोड़ लोग श्रम बाजार से बाहर हो जाएंगे. आप किसी सर्वे पर सवाल उठा सकते हो, लेकिन हमारे सामने तो यही आंकड़े हैं. यह आंकड़े बहुत व्यापक हैं. इससे हमें सोचना चाहिए कि नापतौल कर हमें अर्थव्यवस्था खोलनी चाहिए, लेकिन जितना तेजी से हो सके, उतना तेजी से यह करना होगा जिससे लोगों को नौकरियां मिलना शुरू हों.
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