इस्लामाबाद: जम्मू -कश्मीर ( Jammu and Kashmir) से अनुच्छेद 370 और 35 ए समाप्त किए जाने की पहली सालगिरह 5 अगस्त को पाकिस्तान ( Pakistan) ने ‘यौम-ए-इस्तेहसाल’ यानी शोषण दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया है. इस दिन पूरे पाकिस्तान में भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाया जाएगा. इस सिलिसिले में इमरान खान की सरकार, बाजवा की सेना और कट्टरपंथी संगठन कश्मीर के लोगों के साथ एकजुटता दिखाने के नाम पर छाती पीटेंगे. इस दौरान पूरे पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में रैली , प्रदर्शन, व्याख्यान का आयोजन किया जाएगा. खुद इमरान खान पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद की एसेंबली को संबोधित करेंगे.
फिर अलापा ‘कश्मीर’ राग
कश्मीरी लोगों के साथ एकजुटता दिखाने के नाम पर इस्लामाबाद में अपने मेन कश्मीर हाईवे का नाम बदलकर श्रीनगर हाईवे करने जा रही है. इससे पहले पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने रक्षा मंत्री परवेज खट्टक और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ के साथ नियंत्रण रेखा का दौरा किया और कश्मीरी निवासियों के साथ समर्थन और एकजुटता दिखाई. उल्लेखनीय है कि पांच अगस्त, 2019 को भारत सरकार ने जम्मू एवं कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को समाप्त कर दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था. कुरैशी नियंत्रण रेखा पर चिरिकोट सेक्टर गए,जहां उन्हें सुरक्षा हालात और जारी संघर्ष के बारे में जानकारी दी गई.
OIC से उम्मीद
कुरैशी ने कहा, “कश्मीर के लोगों ने भारत सरकार के पिछले साल के पांच अगस्त के कदम को खारिज कर दिया है.” उनके मुताबिक 50 सालों में पहली बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कश्मीर मुद्दे पर बैठकें आयोजित की थीं. “इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की भूमिका सराहनीय है. जम्मू एवं कश्मीर पर ओआईसी संपर्क समूह ने भारत की अवैध कार्रवाइयों के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है और इस मुद्दे पर पाकिस्तान के रुख का समर्थन किया है.” कुरैशी ने कहा कि भारत कश्मीर मुद्दे पर अलग-थलग पड़ गया है, क्योंकि इसने हजारों कश्मीरी लोगों को एक साल से लॉकडाउन में डाल रखा है.उन्होंने कहा, “भारत अलग-थलग पड़ गया है, ईरान ने भारत को अपने चाबाहार बंदरगाह से बाहर कर दिया है, नेपाल ने भी अपने भूभाग पर दावे किए हैं और लद्दाख में भारत के साथ जो हुआ, उसे दुनिया ने देखा है”.
सैन्य अधिकारियों ने कुरैशी की मौजूदगी में हुई ब्रीफिंग में कहा कि बुरहान वानी के मारे जाने के बाद 2016 से सीमा पार से संघर्षविराम उल्लंघनों में तेजी आई है. एरिया कमांडर, मेजर जनरल आमेर अहसान नवाज ने कहा, “भारतीय संघर्षविराम उल्लंघनों में अबतक 115 नागरिक मारे गए हैं और 614 अन्य घायल हो चुके हैं “
इनपुट: भाषा
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