पुनर्विकसित महाराजा छत्रसाल स्टेशन छतरपुर का पीएम मोदी ने किया वर्चुअल लोकार्पण, हरपालपुर, टीकमगढ़ समेत मध्य प्रदेश के 13 अमृत स्टेशन भी लोकार्पित

छतरपुर: अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित महाराजा छत्रसाल रेलवे स्टेशन छतरपुर सहित देशभर के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली उद्घाटन किया। इस अवसर पर छतरपुर स्टेशन का लोकार्पण केन्द्रीय सामाजिक न्याय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार की उपस्थिति में किया गया।

भारतीय रेलवे द्वारा देशभर में स्टेशन अधोसंरचना के व्यापक आधुनिकीकरण की दिशा में आज एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के 75 पुनर्विकसित अमृत भारत स्टेशनों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के 13 पुनर्विकसित अमृत स्टेशनों को राष्ट्र को समर्पित किया गया। इनमें उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के चार प्रमुख स्टेशन महाराजा छत्रसाल छतरपुर, हरपालपुर, टीकमगढ़ तथा भिण्ड भी शामिल हैं।

इस अवसर पर छतरपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय सामाजिक न्याय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि 2014 के बाद जिस तरह भारत बदल रहा है उस छवि को छतरपुर ने भी अनुभव किया है। 2009 में जब मैं यहां आया तो लोग कहते थे क्या हम रेल की सीटी की आवाज सुन पाएंगे। उन्होंने बताया कि अभी तक देश के 261 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा चुका है। वंदे भारत ट्रेन देश में ही बनाई गई है। पीएम नरेंद्र मोदी 2047 का विजन लेकर चल रहे हैं। विकसित राष्ट्र बनाने में रेलवे का बहुत बड़ा योगदान है। रेलवे द्वारा फल, सब्जियों को शीघ्रता से पहुंचाया जा रहा है। आज टीकमगढ़ लोकसभा क्षेत्र के छतरपुर, हरपालपुर और टीकमगढ़ स्टेशन के पुनर्विकास का लोकार्पण हो रहा है। ओरछा और निवाड़ी स्टेशन में भी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत काम चल रहा है।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि छतरपुर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 में सुविधाओं के विस्तार की जरूरत है। लिफ्ट लगाने का काम कराया जाना चाहिए। क्योंकि फुट ओवरब्रिज बहुत ऊंचे होने से बुजुर्गों, दिव्यांगों को असुविधा होती है। उन्होंने बलिया ट्रेन को नियमित किए जाने पर जोर देते हुए कहा कि अभी यह ट्रेन स्पेशल होने से यात्रियों को ज्यादा किराया देना पड़ता है। झांसी मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक नंदी शुक्ला ने स्टेशन के विकास कार्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष विद्या अग्निहोत्री, अपर कलेक्टर विनय द्विवेदी सहित चंद्रभान सिंह गौतम भी मौजूद थे।

कार्यक्रम में पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय की छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना पर नृत्य की प्रस्तुति के साथ केन्द्रीय विद्यालय के बच्चों द्वारा स्वागत गीत स्वागतम स्वागतम की संगीतमई प्रस्तुति की गई। संस्कार द पब्लिक स्कूल के बच्चों द्वारा नारी शक्ति पर गीत नृत्य की प्रस्तुति दी गई।

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत इन स्टेशनों का पुनर्विकास केवल भवनों के आधुनिकीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इन्हें आधुनिक, सुरक्षित, सुगम, पर्यावरण अनुकूल एवं यात्री-केंद्रित परिवहन केंद्रों के रूप में विकसित किया गया है। पुनर्विकास कार्यों में आकर्षक स्टेशन भवन, विस्तृत सर्कुलेटिंग एरिया, आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, आधुनिक साइनेज, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, हरित क्षेत्र, पार्किंग, फुट ओवर ब्रिज तथा अन्य अनेक आधुनिक सुविधाओं का विकास किया गया है।

इनमें महाराजा छत्रसाल छतरपुर रेलवे स्टेशन के स्टेशन विकास कार्यों का लगभग 6.50 करोड़ रुपये साथ ही लगभग 10.27 करोड़ रुपये की लागत से 12 मीटर चौड़े फुट ओवर ब्रिज के माध्यम से, हरपालपुर रेलवे स्टेशन का लगभग 11.745 करोड़ रुपये, टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन के स्टेशन विकास कार्यों का लगभग 6.50 करोड़ रुपये, साथ ही 13.50 करोड़ रुपये की लागत से 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज एवं 0.90 करोड़ रुपये की लिफ्ट सुविधा सहित व्यापक कायाकल्प किया गया है।

इन स्टेशनों के पुनर्विकास में स्थानीय संस्कृति एवं क्षेत्रीय विरासत को विशेष महत्व दिया गया है। स्टेशन भवनों के फसाड, कला एवं सौंदर्यीकरण कार्यों में स्थानीय स्थापत्य और सांस्कृतिक पहचान को समाहित किया गया है, जिससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का भी अनुभव प्राप्त होगा।

स्टेशनों पर दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए रैंप, टैक्टाइल पाथ, व्हीलचेयर, दिव्यांग अनुकूल शौचालय, लो-हाइट टिकट काउंटर, सुगम प्रवेश मार्ग एवं स्पष्ट दिशा-सूचक संकेतक उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त एलईडी प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, कोच पोजिशन डिस्प्ले सिस्टम, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, मोबाइल चार्जिंग सुविधा, पेयजल व्यवस्था, अग्निशमन उपकरण तथा अन्य आधुनिक यात्री सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। इन स्टेशनों का आधुनिकीकरण बुंदेलखंड के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगा। बेहतर रेलवे अवसंरचना से स्थानीय व्यापार, कृषि, पर्यटन, रोजगार एवं क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण यात्रा अनुभव प्राप्त होगा।

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