मध्य प्रदेश के छतरपुर में सुरेंद्र सिंह की संदिग्ध मौत को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। परिजनों द्वारा इसे हत्या बताए जाने के बाद अब करणी सेना भी इस मामले में खुलकर सामने आ गई है और पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग प्रताप सिंह ने मीडिया से बातचीत में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सीधी हत्या का मामला है। उन्होंने दावा किया कि मृतक के शरीर पर गहरे चोट के निशान हैं, जो बेरहमी से पिटाई की ओर इशारा करते हैं।करणी सेना ने आरोप लगाया कि छतरपुर की एक विधायक के पुत्र ने सुरेंद्र सिंह के साथ मारपीट की थी, जिसके बाद पुलिस उसे थाने ले गई और वहीं उसकी मौत हो गई। संगठन का कहना है कि शरीर पर मौजूद चोटों को देखकर स्पष्ट है कि यह आत्महत्या का मामला नहीं हो सकता।मामले को लेकर करणी सेना ने प्रशासन को 7 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए मांग की है कि जांच जिले से बाहर के अधिकारियों से कराई जाए, क्योंकि उन्हें स्थानीय प्रशासन पर भरोसा नहीं है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय में न्याय नहीं मिला, तो विधायक के घर के बाहर धरना दिया जाएगा और जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री का घेराव भी किया जाएगा।करणी सेना ने राजनीतिक चेतावनी देते हुए कहा कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में राजपूत समाज के लोग रहते हैं और यदि विधायक या उनके परिवार की संलिप्तता सामने आई, तो उन्हें राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। संगठन ने विधायक से अपील की है कि वे निष्पक्षता दिखाते हुए स्वयं आगे आकर जांच में सहयोग करें।वहीं, कोतवाली थाना पुलिस का कहना है कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और नियमानुसार जांच की जा रही है। हालांकि, परिजनों और करणी सेना के बढ़ते आक्रोश के चलते प्रशासन पर निष्पक्ष जांच का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
बाइट, अनुराग प्रताप सिंह, करनी सेना प्रदेश अध्यक्ष