ब्यूनर्स आर्यस ( Buenos Aires) : लंबे समय से चल रहे आर्थिक संकट और कोरोना महामारी से इस साल की दूसरी तिमाही में अर्जेंटीना (Argentina) की आधी आबादी गरीबी की चपेट में आ चुकी है. अर्जेंटीना के कैथोलिक विश्वविद्यालय (Catholic University of Argentina) के शोधकर्ताओं के मुताबिक जून के आखिर तक देश में गरीबी की दर 46 फीसदी से बढ़कर 47 फीसदी हो गई है.अर्थव्यवस्था में यह गिरावट कोरोना वायरस की रोकथाम के लगाए गए लाकडाउन के चलते आई है.
गरीबी और आर्थिक असमानता बढ़ी
शोधकर्ता आगस्टिन साल्विया ने बताया कि गरीबी का प्रभाव हम सभी के जीवन पर पड़ा है.पिछले साल के मुकाबले लोगों की आर्थिक स्थिति में असमानता बढ़ी है.महामारी के दौरान 35 लाख लोगों ने अपनी नौकरी गंवा दी.इससे गरीबी की दर 40.8 फीसदी से बढ़ गई.सरकार की अधिकृत एजेंसी इंडेक के अनुसार, अर्जेंटीना के 35.5 फीसदी लोग वर्ष 2019 की दूसरी छमाही से गरीबी में जी रहे हैं.इंडेक अगले बुधवार को 2020 की पहली तिमाही के आंकड़े घोषित करेगा.
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मांग और उत्पादन पर भी बुरा असर
महामारी के चलते मांग और उत्पादन पर पड़े दुष्प्रभाव के कारण देश की अर्थव्यवस्था पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले रिकार्ड 19.1 फीसदी तक सिकुड़ गई.घरेलू बाजार के लिए उत्पादन करने वालीं छोटी कंपनियां इस दौरान बुरी तरह प्रभावित हुईं. इसकी वजह यह रही कि मार्च के दौरान इनकी गतिविधियों में बाधा पड़ी तथा इनका कामकाज पूरी तरह से ठप पड़ गया.
अभी तक नहीं दिखे सुधार के संकेत
साल्विया ने आशंका जाहिर की कि गरीबी की दर आने वाले दिनों में बढ़ेगी तथा साल के अंत तक लगभग 45 फीसदी लोग इसकी चपेट में रहेंगे.उन्होंने कहा कि जैसी स्थितियां हैं, उनको देखते हुए पिछले साल की दर 35 फीसदी पर आना संभव नहीं दिखता. वहीं कोरोना संकट की वजह से दूसरी तिमाही में बेरोजगारी की दर बढ़कर 13.1 फीसदी हो गई.
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