प्रदेश में गेहूं उपार्जन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आज आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि उपार्जन व्यवस्था को सरल, सहज और किसानों के लिए पूरी तरह सुविधाजनक बनाया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को उपार्जन केन्द्र तक पहुंचने और गेहूं बेचने में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि प्रदेश के किसानों का हर संभव कल्याण उसकी प्राथमिकता है और हर परिस्थिति में सरकार किसानों के साथ खड़ी है। उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 7 अप्रैल (मंगलवार) से पंजीकृत किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि 10 अप्रैल से गेहूं खरीदी का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। खरीदी प्रक्रिया में छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।उपार्जन व्यवस्था की निगरानी के लिए राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है।
साथ ही, गेहूं खरीदी के लिए आवश्यक बारदाने का पर्याप्त भंडार उपलब्ध बताया गया है। केंद्र सरकार, जूट कमिश्नर एवं अन्य आपूर्तिकर्ता एजेंसियों से लगातार संपर्क बनाए रखते हुए बारदाना आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। अतिरिक्त बारदाना खरीदने की प्रक्रिया भी जारी है।उपार्जन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मंत्रिमंडल उप-समिति के सदस्यों और किसान प्रतिनिधियों के साथ भी विचार-विमर्श किया गया।


