
कांग्रेस नेता राहुल गांधी (फाइल फोटो).
नई दिल्ली:
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए निशाना साधा है. राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा है कि अगर रक्षा मंत्री को जवानों की जान जाने का दुख है तो इन सवालों का जवाब दें. राहुल ने रक्षा मंत्री से सवाल किए हैं. राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘अगर आपको इतना ही दर्द महसूस हो रहा है तो बताइए कि
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1. क्यों अपने ट्वीट में चीन का नाम न लेकर भारतीय सेना को अपमानित किया ?
2. क्यों दो दिन बाद सांत्वना व्यक्त कर रहे हैं?
3. क्यों रैली को संबोधित कर रहे थे जब एक ओर जवान शहीद हो रहे थे ?
4. क्यों छिपे हुए हैं और मीडिया के जरिए भारतीय सेना को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं?
5. क्यों मीडिया के जरिए सरकार की जगह सेना को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है ?
If it was so painful:
1. Why insult Indian Army by not naming China in your tweet?
2. Why take 2 days to condole?
3. Why address rallies as soldiers were being martyred?
4. Why hide and get the Army blamed by the crony media?
5. Why make paid-media blame Army instead of GOI? https://t.co/mpLpMRxwS7
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 17, 2020
गौरतलब है कि रक्षा मंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा है, “गालवान में सैनिकों का नुकसान दर्दनाक है. हमारे सैनिकों ने अनुकरणीय साहस और वीरता का परिचय दिया और भारतीय सेना की सर्वोच्च परंपराओं का निर्वाह करते हुए अपने जीवन का बलिदान कर दिया. उन्होंने लिखा, “राष्ट्र इन जवानों की बहादुरी और बलिदान को कभी नहीं भूलेगा. मेरा दिल इस समय जीवन बलिदान करने वाले सैनिकों के परिवारों के लिए भावुक है. देश इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है. हमें भारत के जवानों के शौर्य और साहस पर गर्व है. ”
बता दें कि पूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिकों को जान गंवानी पड़ी है जबकि चार सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं. यह हिंसक झड़प उस समय शुरू हुई जब भारतीय सैनिक सीमा के भारत की तरफ चीनी सैनिकों द्वारा लगाए गए टेंट को हटाने गए थे. चीन ने 6 जून को दोनों पक्षों के लेफ्टिनेंट जनरल-रैंक के अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद इस टेंट को हटाने पर सहमति जताई थी.
सूत्रों ने कहा कि चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय कर्नल बीएल संतोष बाबू को निशाना बनाने के बाद एक शारीरिक संघर्ष छिड़ गया और दोनों पक्षों के बीच डंडों, पत्थरों और रॉड का जमकर इस्तेमाल हुआ.

