बीएसएनएल कंपनी के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने का काम करने वाले, मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद। घटना से आक्रोशित परिजनों ने, रीवा के बीएसएनएल ऑफिस के सामने, शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया, और उचित मुआवजे और न्याय की मांग की है। मामले की जानकारी लगते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
रीवा शहर के बोदाबाग के आनंद नगर निवासी करीब 45 से 50 वर्षीय रामसेवक सोंधिया की शहडोल जिले के ब्यौहारी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि वे पिछले 25 सालों से BSNL में एक ठेकेदार के अधीन प्राइवेट मजदूरी का काम करते थे। परिजनों का कहना है कि, काम के सिलसिले में उन्हें रात में ले जाया गया था।
परिजनों का आरोप है कि सुबह गाड़ी भेज दी गई कि उनकी तबियत खराब है, और जब परिजन ब्यौहारी पहुँचे, तब उन्हें पता चला कि रामसेवक सोंधिया की मौत हो चुकी है। इस घटना से नाराज होकर परिजनों ने रीवा में बीएसएनएल आफिस के सामने शव रखकर जाम लगा दिया।
परिजनों का कहना है कि रामसेवक सोंधिया अपने परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। उनके पीछे तीन बेटियां और एक नाबालिग बेटा है। ठेकेदार द्वारा मौखिक रूप से 5 लाख रुपये के मुआवजे की बात कही गई है, जिसे परिजनों ने नकाार दिया है और लिखित न्याय व उचित मुआवजे की मांग की है।


