राजगढ़, राजगढ़ जिले के सारंगपुर में रहने वाली पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रूपल प्रमोद सादानी पिछले तेरह सालों से अपने हाथों से तैयार की गई प्यार और दुआओं की स्पेशल राखियां सरहद के रक्षकों के लिए अपने हाथों से राखियां तैयार कर स्पीड पोस्ट के जरिए सीधे रक्षा मंत्रालय (नई दिल्ली) भेजती हैं , जहां से इन राखियों को कुमकुम और अक्षत के साथ देश की चारों सीमाओं पर तैनात वीर जवानों तक पहुंचाता है ताकि कड़कड़ाती धूप व ठंड में हमारे जवानों की कलाई रक्षाबंधन पर कभी सूनी न रहे।
रूपल सादानी प्रमोद सादानी का यह देश रक्षा में तैनात सैनिकों के लिए प्रेम सिर्फ राखियों तक सीमित नहीं है। अपने नपा अध्यक्ष पद के सत्रह महीनों के कार्यकाल के दौरान उन्होंने अपनी पूरी सैलरी—81,600 रुपए सीधे ‘सैनिक परिवार कल्याण कोष’ के नाम कर दी थी!रूपल सदानी को यह प्रेरणा अपने पति प्रमोद सदानी से मिली रूपल का मानना है कि हम घरों में चैन की नींद और त्योहारों का जश्न इसीलिए मना पाते हैं क्योंकि सरहद पर जवान सीना ताने खड़े हैं। उनके हाथों का पिरोया एक-एक धागा सरहद पर तैनात वीरों का हौसला दोगुना कर देता है।


