Sharif said few generals were responsible for Kargil War | करगिल पर नवाज शरीफ का बड़ा बयान, ‘जवानों के पास नहीं थे हथियार, जनरलों ने युद्ध में धकेला’

नई दिल्ली: पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) ने भारत के साथ हुए करगिल युद्ध को लेकर बयान दिया है. उन्‍होंने देश को इस युद्ध (Kargil War) में घसीटने के लिए पाकिस्तानी सेना के ‘कुछ खास जनरलों’ को जिम्‍मेदार ठहराया है और यह भी बताया कि कैसे पाकिस्तानी सैनिक बिना भोजन और हथियारों के लड़ रहे थे.

1999 के भारत पाकिस्तानी युद्ध के दौरान पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ ने कहा, ‘करगिल में हमारे सैकड़ों सैनिकों की मौत के लिए कुछ जनरल जिम्मेदार थे. उन्‍होंने ही हमें युद्ध में ढकेला था. मेरे लिए यह जानना दुखद है कि जब हमारे सैनिक चोटियों पर थे उनके पास भोजन और हथियार नहीं थे… उसके बाद भी उन्‍होंने अपने जीवन का बलिदान दिया लेकिन इससे देश या समाज ने क्या हासिल किया.’

लगभग 3 महीने चला यह निर्णायक युद्ध भारत की जीत के साथ खत्‍म हुआ था. भारतीय सेना ने तत्‍कालीन राज्‍य जम्मू और कश्मीर से उस करगिल क्षेत्र को सफलतापूर्वक खाली कराया था, जिस पर पाकिस्तानी सेना ने कब्जा करने का प्रयास किया था.

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कारगिल के पीछे वही ताकतें थीं 
शरीफ ने यह भी कहा कि ‘करगिल के पीछे वही ताकतें और चेहरे थे, जिन्‍होंने 12 अक्टूबर 1999 को देश में तख्तापलट की साजिश रची थी और मार्शल लॉ घोषित किया था. परवेज मुशर्रफ और उनके साथियों ने निजी लाभ के लिए सेना का इस्तेमाल किया था.’ 

शरीफ ने ये बातें बलूचिस्तान के क्‍वेटा में 11 विपक्षी पार्टियों के गठबंधन पाकिस्‍तानी डेमोक्रेटिक मूवमेंट (PDM) की रैली में कहीं. यह PDM की तीसरी रैली है, इससे पहले गुजरांवाला और कराची में रैलियां हुईं थीं.

उन्होंने पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई के जनरल फैज हमीद को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा, ‘जनरल बाजवा ने 2018 के पाकिस्तानी चुनावों का जनादेश चुराया … उन्होंने इमरान नियाजी को पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनाया जो जनादेश के खिलाफ है.’

यह दूसरी बार है जब तीन बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रह चुके शरीफ ने सार्वजनिक रूप से देश के शक्तिशाली सेना प्रमुख का नाम इस तरह लिया है, जैसा पिछले 70 सालों में किसी भी नेता ने नहीं किया.




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