side effects of indian spices: Diet Tips: आलिया भट्ट की न्यूर्टिशयनिस्ट ने बताया मसाले खाने का पारंपरिक तरीका, मेथी के पानी से करें दिन की शुरुआत – alia bhatt nutritionist rujuta diwekar said that be careful while using spices because its excessive use can be harmful

​इस मेथड से करें मसालों का प्रयोग

रुजुता के अनुसार, मसालों का प्रयोग करने का बेस्ट तरीका लोकल और टाइम टेस्टेड मेथड है जिसे भारतीय घरों की महिलाएं कई सालों से फॉलो करती आ रही हैं। जैसे जीरे (cumin) को तड़का लगाने और फिर उसमें हल्दी (turmeric) मिलाने एक खास लॉजिक है। हमें इस तर्क को समझने और फॉलो करने की जरूरत है।

न्यूट्रिशनिस्ट एक चेतावनी भी देती हैं कि अगर आप सोशल मीडिया पर कुछ भी पढ़कर मसालों का प्रयोग करते हैं तो खुद को मुसीबत में डाल सकते हैं। इसलिए इनका उपयोग पारंपरिक और टाइम टेस्टेड मेथड से ही करें।

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​मेथी के पानी से करें दिन की शुरुआत

रुजुता के अनुसार, भले ही मसाले सेहत के किए लाभकारी होते हैं लेकिन उन्होंने इन्हें दोधारी तलवार (Double-edged sword) भी बताया है। क्योंकि जो लोग इनका अत्यधिक मात्रा में प्रयोग किया करते तो वें एसिडिटी का शिकार भी हो सकते हैं। हालांकि वे मसालों में छिपे कुछ सीक्रेट गुण भी बता रही हैं। रुजुता कहती हैं कि अगर आप अपने दिन की शुरुआत मेथी के पानी से कर रहे हैं, तो यह हार्मोनल संतुलन में मदद करेगा, यह एस्ट्रोजेनिक (estrogenic) गुणों को जन्म दे सकता है।

​डिब्बों में कम मात्रा में मसाले रखे जाने का ये है लॉजिक

रुजुता के अनुसार, भारतीय मसाले सेहत के लिए फायदेमंद हैं लेकिन उनमें से किसी को बेहतर बनाने के लिए हमें एक क्रम को फॉलो करना जरूरी है। जब भी हम मसालों का प्रयोग करते हैं तो सबसे पहले हमें यह समझने की जरूरत है कि हमें इनकी कितनी मात्रा लेनी चाहिए और इसकी इन्हें कंज्यूम करने का क्या तरीका होना चाहिए।

रुजुता इस फैक्ट पर भी जोर देती हैं कि अक्सर हम मसालों के डिब्बे में कम मात्रा में मसाले रखते हैं, ताकि वे अपनी सुगंध और औषधीय गुणों को न खोएं। रुजुता कहती हैं कि डब्बों में रखी मसालों की एक छोटी की क्वांटिटी की सुंगध से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि इनका अत्यधिक उपयोग मानव शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।

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न करें सोशल मीडिया पर बताए गए मेथड पर भरोसा

गौरतलब है कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक सेहत की पोटली काफी वायरल हो रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ‘कपूर, लौंग और अजवाइन का मिश्रण बनाकर इसमें कुछ बूंदे नीलगिरी के तेल को मिलाकर इस तरह की पोटली बना लें और अपने दिनभर के कामकाज के दौरान बीच-बीच में सूंघते रहें…यह ऑक्सीजन लेवल बनाए रखने में मदद करता है। इस तरह की पोटली लद्दाख में पर्यटकों को दी जाती है जब ऑक्सीजन लेवल कम होता है..!’

हालांकि एक्सपर्ट इस बात को खारिज करते हैं इन चार चीजों के मिश्रण से ऑक्सीजन लेवल बढ़ेगा। रुजुता इस तरह की पोटली की ओर संकेत करते हुए कहती हैं कि सोशल मीडिया पर पढ़कर आप मसालों का प्रयोग न करें वरना खुद को जोखिम में डालेंगे।

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