Sleep Tips: आयुर्वेद के अनुसार बिस्‍तर पर जानें से पहले करें ये 5 बदलाव, झट से आएगी सुकून भरी नींद

हम सभी को कभी न कभी नींद न आने की समस्या का सामना करना पड़ता है। जब नींद न आए तो स्वास्थ्य प्रभावित होने लगता है, इस स्थिति को क्रॉनिक कहते हैं। तनाव, चिंता और जीवनशैनी की खराब आदतें जैसी कई चीज हैं , जो आपको पूरी रात करवट बदलने पर मजबूर कर सकती हैं। इसके लिए कई बार आप दवाओं का सहारा लेते हैं, जिसके साइड इफेक्ट देखने को मिलते हैं।

लेकिन आप चाहें, तो आयुर्वेद की मदद से आसानी से घर पर ही इसे मैनेज कर सकते हैं। आयुर्वेदिक डॉक्टर और ओहरिया आयुर्वेद की संस्थापक रजनी ओहरी ने आयुर्वेद में दिए गए संस्कारों के बारे में बताया है, जिन्हें सोने से पहले करने से नींद लेने और सुबह तरोताजा महसूस करने में मदद मिल सकती है।

​गहरी सांस लें

यदि आप प्राणायाम से भी आसान कुछ चाहते हैं, तो ओम के जाप के साथ गहरी सांस लेने की प्रैक्टिस करें। इसके लिए आपको सबसे पहले ओम का जप करते हुए सांस अंदर लेनी है और नाक व मुंह दोनों से सांस बाहर निकालनी है। बता दें कि ओम शब्द का मन पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता है और यह आपको जल्दी सो जाने में हेल्प कर सकता है। ओम का जाप करते समय लगातार दो उच्चारणों के बीच में मौन धारण करें।

​पैर धोएं

प्राचीन काल में लोग जब भी दिनभर के बाद घर लौटते थे, तो पैर धोते थे। क्योंकि पैर धोने से शरीर को आराम मिलता है, साथ ही स्ट्रेस लेवल में भी कमी आती है। आयुर्वेदिक डॉक्टर्स कहते हैं कि पैर धोने से नकारात्मकता दूर होती है और आप खुद रिलेक्स महसूस करते हैं। इसलिए हर दिन आप पैर धोएं , ताकि सुकनू भरी नींद आ सके।

​प्राणायाम करें

प्राणायाम से हमारा मतलब धीमी गति से सांस लेने के व्यायाम से है। इसमें आपको अपनी सांस पर ध्यान केंद्रित करना और पूरे शरीर में ऊर्जा को प्रवाहित करना होता है। बिस्तर पर जाने से पहले प्राणायाम करने से ब्लड सकुर्लेशन में सुधार और शरीर में आक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इतना ही नहीं यह आपके दिमाग को शांत करने और जल्दी सो जाने में मदद करता है। ओहरी रात में अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम करने का सुझाव देती हैं। यह अन्य प्रणायाम की तुलना में अधिक लाभकारी है।

​गैजेट्स से बचें

इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का बहुत ज्यादा उपयोग से हमारा स्लीपिंग पैटर्न गड़बड़ा रहा है। सोने से पहले फोन का इस्तेमाल करना या टीवी देखना आपके दिमाग को एक्टिव रखता है, जिससे आपकी नींद डिस्टर्ब होती है और रातभर करवट बदलते रहते हैं।

आयुर्वेद के अनुसार, रात को सोने से पहले शांत भरा माहौल बनाने की कोशिश करें। बेहतर होगा कि सुकून व मन को शांत करने वाला म्यूजिक सुनें या अच्छी नींद पाने के लिए किताब पढ़ें। ऐसा करने से आपको झट से नींद आ जाएगी।

​अभ्यंग करें

अभ्यंग आयुर्वेद चिकित्सा का एक रूप है, जिसमें गर्म जड़ी-बूटियों के तेल से शरीर की मालिश की जाती है। अगर आपके लिए पूरे शरीर की मालिश करना मुमकिन नहीं है, तो रात में सोने से पहले स्ट्रेस पॉइंट्स की ही मालिश करने से बहुत फायदा होगा। अपने माथे और कंधों पर थोड़ा गर्म तिल का तेल लगाएं और अपनी मांसपेशियों को आराम देने और शांति से सोने के लिए उनकी ठीक से मालिश करें।

अगर आप भी नींद की कमी से जूझ रहे हैं, तो यहां बताए गए आयुर्वेद के 5 संस्कार आपको जरूर ट्राय करने चाहिए। कुछ ही दिनों में आपका स्लीपिंग पैटर्न पहले जैसा हो जाएगा और आप खुद को तरोताजा महसूस करेंगे।

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