मुरैना/अम्बाह-दिमनी। बाढ़ की विभीषिका के बीच जहां ग्रामीण जलभराव और बदहाल रास्तों से जूझते हुए जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं, वहीं जिला पंचायत वार्ड क्रमांक-5 की सदस्य रेशमा देशराज कुशवाह के पति का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।वीडियो में कथित तौर पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एक ग्रामीण पानी के बीच साइकिल लेकर आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसी दौरान जिला पंचायत सदस्य के पति ग्रामीण की साइकिल पर पीछे बैठे नजर आते हैं। ग्रामीण पानी और खराब रास्ते के बीच साइकिल संभालते हुए आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।पानी में संघर्ष करता रहा ग्रामीण, साइकिल पर बैठे रहे नेताजीवायरल वीडियो को लेकर स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधि की कार्यशैली और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आपदा के समय जनप्रतिनिधियों और उनके प्रतिनिधियों से लोगों के बीच खड़े होकर उनकी परेशानी साझा करने और राहत पहुंचाने की उम्मीद होती है।ऐसे में जब बाढ़ पीड़ित ग्रामीण खुद पानी में संघर्ष करता दिखाई दे और जनप्रतिनिधि के पति उसी ग्रामीण की साइकिल पर सवार नजर आएं, तो इस दृश्य को लेकर नाराजगी होना स्वाभाविक है।ग्रामीणों का सवाल—आपदा में भी क्यों दिखा वीआईपी अंदाज?स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब ग्रामीण बाढ़ के पानी में उतरकर रास्ता पार करने को मजबूर हैं, तो उनका हाल जानने पहुंचे जनप्रतिनिधि या उनके प्रतिनिधि भी उनके साथ पानी में उतरकर उनकी परेशानी को महसूस क्यों नहीं कर सके?बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को राहत पहुंचाना, सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था कराना और जरूरतमंदों की मदद करना प्राथमिकता होनी चाहिए। ऐसे में वायरल वीडियो ने जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता और वीआईपी संस्कृति को लेकर बहस छेड़ दी है।हालांकि, वीडियो की परिस्थितियों और घटना की पूरी वास्तविकता स्पष्ट नहीं है। मामले में जिला पंचायत सदस्य रेशमा देशराज कुशवाह अथवा उनके पति का पक्ष सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।


