खरगापुर , ग्वालियर , छतरपुर , नारियावली, पवई, उज्जैन उत्तर और नागौद से विरोध के स्वर उठने लगे हैं। पूर्व विधायक यादवेन्द्र सिंह नागौद ने कांग्रेस को बाय-बाय कर लिया है। वहीं, नरियावली से सुरेन्द्र चौधरी को टिकट देने के विरोध में शारदा खटिक का कांग्रेस से इस्तीफ़ा हो गया है। कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अजय यादव ने भी इस्तीफा दे दिया है।
भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस की पहली सूची आते ही बगावत का दौर शुरू हो गया है। कई जिलों में कांग्रेस नेता टिकट वितरण को अनीतिपूर्ण और गलत बताते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कई नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा भी दे दिया है। कांग्रेस में फैली असंतोष की आग थमने का नाम नहीं ले रही है। आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी ने कई जगह भाजपा, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और दूसरी पार्टियों से आए प्रत्याशियों पर भरोसा जताकर टिकट दिया है। इसके विरोध में कई जगह पुतले जलाए गए और कई दिग्गज नेताओं ने पार्टी से इस्तीफे दे दिए।
नागौद के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह ने कमल नाथ पर टिकट में करप्शन का आरोप लगाते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया और बसपा में शामिल हो गए। वहीं, कांग्रेस के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष अजय यादव ने ओबीसी की उपेक्षा का आरोप लगाकर इस्तीफा दे दिया। वहीं, सागर के नरयावली में विरोध में निकाला जुलूस, पुतला भी फूंका गया। यहां से शारदा खटीक ने कांग्रेस पर संगीन आरोप लगाते हुए अपने इस्तीफे दे दिए। धार जिले की धरमपुरी से टिकट मांग रहे पूर्व सांसद गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी और ग्वालियर ग्रामीण से टिकट के दावेदार केदार कंसाना ने पहली सूची में अपना नाम नहीं होने पर इस्तीफा दे दिया है। इसके अलावा भी इंदौर, उज्जैन, सागर सहित कई जिलों में कांग्रेस प्रत्याशियों के विरोध में विरोध और इस्तीफे जारी हैं। कांग्रेस प्रत्याशी सुरेंद्र चौधरी का पुतला जलाया गया है। वहीं, दतिया में कांग्रेस प्रत्याशी का पुतला फूंका गया है। आपको बता दें कि रविवार को कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव 2023 के लिए 144 प्रत्याशियों की सूची जारी की है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय किया है। टीकमगढ़ में तीन सामान्य उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। टिकट वितरण में परिवारवाद, भ्रष्टाचार, अपराध, गुटबाजी का आरोप लगा है।