रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘भाजपा नेतृत्व को अपने प्रगाढ़ चीनी संबंधों, ‘चाईना एसोसिएशन फॉर इंटरनेशनल फ्रेंडली कॉन्टैक्ट’ (‘सीएआईएफसी’) से अपने संपर्क एवं सत्तारूढ़ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (‘सीसीपी’) के साथ अपने रिश्तों बारे सवाल पूछे जाने तथा जवाब देने का भय भी है. क्या जे. पी. नड्डा एवं भाजपा नेतृत्व इन 10 सवालों के जवाब देंगेः
1. भाजपा का कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाईना (‘सीसीपी’) से क्या संबंध है? भाजपा एवं सीसीपी के बीच क्या ऐतिहासिक रिश्ते हैं, जिसके बारे में 30 जनवरी, 2007 को सीसीपी डेलिगेशन की यात्रा के दौरान तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष, राजनाथ सिंह ने कहा था व इसके बाद 17 अक्टूबर, 2008 को सीसीपी के मेंबर्स ऑफ पोलिटबुरो के साथ बैठक के दौरान भी इसका उल्लेख किया?
2. जनवरी, 2009 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (‘आरएसएस’) सीसीपी के बुलावे पर चीन क्यों गया? आरएसएस के डेलिगेशन को सीसीपी ने आमंत्रित क्यों किया, बावजूद इसके कि आरएसएस कोई राजनैतिक दल नहीं है? आरएसएस और सीसीपी के बीच अरुणाचल प्रदेश तथा तिब्बत बारे क्या बातचीत हुई?
3. तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष, नितिन गडकरी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाईना (‘सीसीपी’) के बुलावे पर 19 जनवरी, 2011 को चीन की पांच दिवसीय यात्रा पर क्यों गए? इसके पीछे क्या मकसद था?
4. तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष, अमित शाह ने नवंबर, 2014 में भाजपा सांसदों/विधायकों का एक डेलिगेशन चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (‘सीसीपी’) के ‘‘द पार्टी स्कूल” के एक सप्ताह चलने वाले अध्ययन के लिए चीन क्यों भेजा? इसके पीछे क्या राज था?
5. नरेंद्र मोदी ने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए 4 अलग अलग अवसरों तथा भारत का प्रधानमंत्री रहते हुए 5 अलग अलग अवसरों पर चीन की यात्रा क्यों की तथा 3 बार भारत में चीनी प्रीमियर की मेजबानी क्यों की? क्या वो पिछले 6 सालों में प्रधानमंत्री के रूप में चीनी प्रीमियर के साथ 18 बैठकें करने वाले देश के एकमात्र प्रधानमंत्री नहीं हैं? क्या चीनियों के साथ ‘झूला झूलने की कूटनीति’ फेल साबित हुई?
6. जैसा राजीव गांधी फाउंडेशन ने सार्वजनिक किया, क्या उसी भांति, भाजपा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (‘आरएसएस’) से अपने सभी दानदाताओं की सूची सार्वजनिक करने के लिए कहेगी तथा सभी विदेशी स्रोतों से आने वाले व व्यक्तियों, इकाईयों, संगठनों और सरकारों द्वारा आरएसएस व उसके अलग अलग संगठनों को दिए गए पैसे का हिसाब देश को देगी?
7. जैसा राजीव गांधी फाउंडेशन ने सार्वजनिक किया, क्या उसी भांति भाजपा, विवेकानंद फाउंडेशन एवं इंडिया फाउंडेशन के सभी दानदाताओं की सूची (विदेशी नागरिकों सहित) सार्वजनिक करेगी व यह भी बताएगी कि किस किस विदेशी कंपनी, इकाई, व्यक्ति, संगठन या सरकार (जिनमें चीनी मूल के संगठन भी अगर शामिल हैं) से कितना पैसा किस किस तारीख को इन दोनों फाउंडेशन को मिला?
8. क्या भाजपा उन डोनर्स के नाम सार्वजनिक करेगी, जिनसे भाजपा ने इलेक्टोरल बॉन्ड्स के माध्यम से हजारों करोड़ों रु. की डोनेशन प्राप्त की है?
9. क्या भाजपा ‘’ओवरसीज़ फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी” (‘OF-BJP’) के द्वारा फंडिंग के स्रोत, प्राप्त किए गए पैसे, डोनर्स के नाम (समेत अगर चीनी मूल के डोनर्स शामिल हैं) सार्वजनिक करेगी? ‘’ओवरसीज़ फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी – चीन एवं हांग कांग” से उपरोक्त संस्था को कितना पैसा मिला और कब? श्री राजकुमार नारायणदास सबनानी उर्फ राजू सबनानी का OF-BJP से क्या संबंध है?
10. क्या भाजपा/आरएसएस को इंटरनेशनल फाउंडेशंस, फंड्स, इकाईयों व संगठनों से फंडिंग मिली है? यदि हां, तो भाजपा-आरएसएस को पिछले 6 सालों में इंटरनेशनल फंडिंग एवं डोनर्स से कितना पैसा मिला?
गलवान घाटी में नदी के पास दिखे काले तिरपाल
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